वजार्ट ने बताया था कि उसकी कोविड-19 वैक्सीन अमेरिकी सरकार ने अपनी फ्लैगशिप योजना में शामिल की है। सच्चाई इससे कुछ अलग है। वजार्ट की वैक्सीन बंदरों पर ट्रायल के लिए थी। इसे न तो अमेरिकी सरकार से मदद मिली और न ही फ्लैगशिप योजना में शामिल किया गया। बावजूद इसके कंपनी के मुख्य कार्यकारी एंड्रयू फ्लोरयू ने जून में खरीदे 43 लाख डॉलर के स्टॉक को 2.8 करोड़ डॉलर में बेचकर बड़ा मुनाफा कमा लिया।
गलत तरीके से कमाई का आरोप
अमेरिका की गैर लाभकारी संस्था पेशेंट फॉर अफोर्डेबल ड्रग्स के कार्यकारी निदेशक बेन वकाना का कहना है कि वैसे तो सही समय पर स्टॉक खरीदना-बेचना कानूनन सही है। लेकिन कई निवेशकों और विशेषज्ञों का कहना है कि इन अधिकारियों ने मुनाफा कंपनी की आंतरिक खबरों के आधार पर कमाया है। यह कदम फार्मा उद्योग और निवेशकों के भरोसे को ठेस पहुंचाने वाला है। महामारी के इस दौर में हर नागरिक अपना योगदान दे रहा जबकि इन कंपनियों ने मुनाफा कमाने पर जोर दिया।
इन कंपनियों ने भी बनाए पैसे
कंपनी मुनाफा
रिजेनेरन 80 फीसदी
मॉडर्ना 300 फीसदी
नोवावैक्स 550 फीसदी