ओहायो राज्य में अब अक्तूबर को हिंदू विरासत माह के रूप में मनाया जाएगा। ओहायो स्टेट हाउस और सीनेट ने इसे लेकर एक विधेयक पारित किया है। राज्य सीनेटर नीरज एंटनी ने कहा कि यह ओहियो और देश भर के हिंदुओं की बड़ी जीत है। अब हर अक्तूबर में हम ओहियो में अपनी हिंदू विरासत का जश्न मना सकेंगे।
अमेरिका के ओहायो राज्य में अब अक्तूबर को हिंदू विरासत माह के रूप में मनाया जाएगा। ओहायो स्टेट हाउस और सीनेट ने इसे लेकर एक विधेयक पारित किया है। वहीं पेंटागन ने दावा किया कि देश में सत्ता बदलाव के बीच भारत और अमेरिका के रक्षा संबंध शानदार और रोमांचक हैं।
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ओहायो में हिंदू विरासत माह विधेयक पारित होने के बाद राज्य सीनेटर नीरज एंटनी ने कहा कि यह ओहियो और देश भर के हिंदुओं की बड़ी जीत है। अब हर अक्तूबर में हम ओहायो में अपनी हिंदू विरासत का जश्न मना सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह ओहायो और पूरे देश में हिंदू अधिवक्ताओं द्वारा किए गए कामों का परिणाम था। मुझे इसे पारित करवाने के लिए उनके साथ साझेदारी करके बहुत खुशी हुई। उन्होंने सीनेट में अपने बिल को HB 173 में बदला। इसके बाद दोनों सदनों ने सर्वसम्मति से विधेयक पारित कर दिया। एंटनी ओहायो में पहले हिंदू और भारतीय अमेरिकी राज्य सीनेटर हैं।
राज्य के प्रतिनिधि एडम मैथ्यूज ने कहा कि ओहायो में लाखों ऐसे लोग हैं, जिनकी अपनी पृष्ठभूमि और कहानी है। अब यह विधेयक राज्यपाल के पास उनके हस्ताक्षर या वीटो के लिए भेजा जाएगा। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने विधेयक के पारित होने का स्वागत किया है। फाउंडेशन के प्रबंध निदेशक समीर कालरा ने कहा कि हर साल हिंदू विरासत माह को आधिकारिक तौर पर मान्यता देकर एचबी 173 यह तय करता है कि हिंदू अमेरिकियों के योगदान, संस्कृति और परंपराओं को ओहियो के लोग बेहतर ढंग से समझें।
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अमेरिका-भारत के रक्षा संबंध मजबूत: पेंटागन
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रक्षा संबंध शानदार और रोमांचक हैं। सहायक रक्षा सचिव एली रैटनर ने कहा कि अमेरिका-भारत के रक्षा संबंध काफी मजबूत हैं। दोनों देश रक्षा औद्योगिक आधार सहयोग के साथ-साथ सेवाओं में परिचालन सहयोग के मामले में भी बेहतर तरीके से आगे बढ़ रहे हैं। भारत-अमेरिका रक्षा संबंध एक सतत विकास क्षेत्र है। हालांकि भारत-चीन संबंध में लगातार उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। इस साल भारत ने 31 जनरल एटॉमिक्स एमक्यू-9बी (16 स्काई गार्जियन और 15 सी गार्जियन) विमानों और उनके संबद्ध उपकरणों की खरीद के लिए अमेरिका के साथ एक समझौता किया है। इससे भारत के सशस्त्र बलों की खुफिया निगरानी और टोही क्षमता में इजाफा होगा।