अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शनिवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एआई से बने एक वायरल वीडियो की कड़ी आलोचना की। ओबामा ने इसे 'जानबूझकर किया गया ध्यान भटकाने वाला कदम' बताया, जिसका मकसद जनता को असली मुद्दों से दूर रखना है। ओबामा न्यूआर्क (न्यू जर्सी) में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार मिक्की शेरिल के समर्थन में रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 'आज राजनीति में झूठी कहानियां और फर्जी वीडियो बनाए जा रहे हैं ताकि लोग अपने जीवन की सच्चाई से नजरें हटा लें।'
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'ये सब बस ध्यान भटकाने के लिए किया गया'
उन्होंने उस एआई वीडियो का जिक्र किया, जिसमें ट्रंप को राजा के रूप में दिखाया गया है, उनके सिर पर ताज, लड़ाकू विमान उड़ाते हुए और अमेरिकी नागरिकों पर गंदगी गिराते हुए। ओबामा ने मजाकिया लहजे में कहा, 'एक राष्ट्रपति का ताज पहनकर जेट उड़ाना और नागरिकों पर गंदगी गिराना... ये सब बस ध्यान भटकाने के लिए किया गया है।' भीड़ ने इस पर हूटिंग शुरू की, तो ओबामा ने शांत कराते हुए कहा, 'इस पर गुस्सा करने की भी जरूरत नहीं है। ये बस आपको असली हालात से दूर करने की कोशिश है।' उन्होंने आगे कहा, 'ऐसे तमाशे इसलिए किए जाते हैं ताकि आप यह न सोचें कि आपकी जिंदगी बेहतर हुई या नहीं। ये सब ध्यान भटकाने का खेल है।'
ट्रंप के एआई वीडियो का विवाद
19 अक्तूबर को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह 19 सेकंड का वीडियो साझा किया था। इसमें वे 'किंग ट्रंप' लिखे फाइटर जेट को उड़ाते दिखे, जो न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में 'नो किंग्स' प्रदर्शनकारियों पर कीचड़ फेंकता दिखाई दिया। इस वीडियो में अमेरिकी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैरी सिसन को भी निशाना बनाया गया था। उसी दिन ट्रंप ने अपने एक्स अकाउंट पर एक और तस्वीर साझा की, जिसमें वे 'सम्राट का ताज' पहने हुए दिखे। इस पोस्ट ने ऑनलाइन बहस को और तेज कर दिया और राजनीतिक गलियारों में भारी आलोचना हुई।
'नो किंग्स' आंदोलन का बढ़ता प्रभाव
19 अक्तूबर को जब यह वीडियो सामने आया, उसी दिन पूरे अमेरिका में 'नो किंग्स प्रदर्शन' नाम से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। एक रिपोर्ट के अनुसार, देशभर के 2,700 शहरों और कस्बों में करीब 70 लाख लोगों ने इसमें भाग लिया। यह संख्या जून में हुए पहले चरण के प्रदर्शनों से 20 लाख अधिकथी, जो ट्रंप प्रशासन के खिलाफ जनता के बढ़ते गुस्से को दिखाती है। पुलिस के अनुसार, सभी प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे और किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई।
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किस राज्य में कैसे किया गया प्रदर्शन?
वहीं शिकागो में लोगों ने 'शिकागो से दूर रहें' और उलटे अमेरिकी झंडे लेकर मार्च किया। लॉस एंजेलिस में प्रदर्शनकारी फुलाए हुए पोशाकों में अमेरिकी झंडे लहराते नजर आए। वहीं वॉशिंगटन डीसी में सरकारी कर्मचारी और पूर्व अधिकारी पेंसिलवेनिया एवेन्यू पर जुटे, जहां उन्होंने चल रहे सरकारी शटडाउन के बीच संयमित राजनीतिक माहौल की मांग की।
राजनीतिक तनाव चरम पर
यह पूरा विवाद उस वक्त सामने आया जब वॉशिंगटन में सरकारी फंडिंग बिल पर गतिरोध चल रहा था और फेडरल गवर्नमेंट शटडाउन जारी था। ऐसे माहौल में ट्रंप का एआई वीडियो और सम्राट पोस्ट विपक्षी दलों के लिए निशाना बन गया। डेमोक्रेटिक नेताओं ने प्रदर्शनों का समर्थन किया, जबकि कई रिपब्लिकन नेताओं ने इन्हें 'राष्ट्रविरोधी' बताया। ओबामा ने अपने भाषण में जनता से अपील की कि वे 'ऑनलाइन नाटकों' में उलझने के बजाय अपनी रोजमर्रा की परेशानियों और भविष्य के मुद्दों पर ध्यान दें।