अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने ट्विटर हैंडल पर अपने पूर्व प्रशासनिक सदस्यों का एक पत्र साझा किया है। इस पत्र में अमेरिकी राजनीति में नस्लवाद और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नस्लवादी टिप्पणी की निंदा की है।
यह नस्लवादी टिप्पणी कांग्रेस की चार महिलाओं पर उनके रंग को लेकर की गई थी। इस पत्र पर 149 अफ्रीकी अमेरिकियों ने भी हस्ताक्षर किए हैं। यह पत्र वाशिंगटन पोस्ट में शुक्रवार को ओपेड पर प्रकाशित हुआ है।
शनिवार देर रात ओबामा ने ट्विटर पर पत्र साझा करते हुए लिखा कि मुझे हमेशा से गर्व है कि इस टीम ने मेरे प्रशासन के दौरान कितनी निपुणता से कार्य किया। लेकिन जितना हमने किया, उससे ज्यादा मुझे इस पर गर्व है कि वे किस तरह से अमेरिका को बेहतर बनाने के लिए लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं।
'मुस्लिम सांसदों पर टिप्प्णी का जवाब'
यह पत्र ट्रंप की एक ट्वीट की प्रतिक्रिया के तौर पर लिखा गया था। ट्रंप ने अपने ट्वीट में चार अल्पसंख्यक सांसदों को उन जगहों पर 'वापस जाने' को कहा था, जहां से वे आई थीं। ओबामा ने प्रशासन के पूर्व अधिकारियों ने नस्लवाद, लिंगवाद, होमोफोबिया व जेनोफोबिया के खिलाफ खड़े होने का संकल्प लिया..जिसका राष्ट्रपति (ट्रंप) द्वारा इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने लिखा कि हमारे साथी नागरिकों से उनकी आप्रवासी जड़ों या वंश का हवाला देते हुए देश छोड़ने को कहे जाने से ज्यादा गैर-अमेरिकीपन कुछ नहीं है।"