Nuclear Threat: पश्चिम एशिया में गत एक हफ्ते से ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच जारी युद्ध के अलावा रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से अधिक समय से संघर्ष जारी है।इसी बीचपरमाणु ताकतों के बीच टकराव की आशंका जताई जा रही है। खबरों के मुताबिक परमाणु हथियारों को लेकर फिनलैंड और रूस के बीच नया मोर्चा खुल सकता है।
परमाणु हथियारों की तैनाती को लेकर पड़ोसी देश फिनलैंड की तरफ से नीतियों में बदलाव की घोषणा करने से रूस बौखला गया है। क्रेमलिन ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि अगर फिनलैंड ने अपनी सीमाओं में परमाणु हथियार तैनात किए तो रूस भी जवाबी कार्रवाई करेगा। रूस ने फिनलैंड पर यूरोप में तनाव पैदा करने का आरोप लगाया। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव से यूरोप में युद्ध का एक नया मोर्चा खुलने की आशंका पैदा हो गई है।
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परमाणु हथियारों की तैनाती पर प्रतिबंध
रूस के साथ लंबी सीमा साझा करने वाले फिनलैंड ने शीत युद्ध के दौरान तटस्थता बरती थी लेकिन यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद वह नाटो में शामिल हो गया था। उसने बृहस्पतिवार को कहा था कि वह अपनी सीमा में परमाणु हथियारों की तैनाती पर लागू प्रतिबंध हो हटाना चाहता है।
रूस ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पत्रकारों से कहा, इस बयान से यूरोपीय महाद्वीप पर तनाव बढ़ेगा। यह फिनलैंड को असुरक्षा को और बढ़ाता है। सच्चाई यह है कि अपने क्षेत्र में परमाणु हथियार तैनात करके फिनलैंड हमें धमकाना शुरू कर रहा है। अगर फिनलैंड हमें धमकाता है तो हम उचित कदम उठाएंगे।
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सुरक्षा पर पुनर्विचार करने की मजबूरी
यूक्रेन में रूस की कार्रवाइयों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अप्रत्याशित कार्रवाइयों, विशेष रूप से ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के उनके घोषित लक्ष्य ने यूरोपीय सरकारों को परमाणु हथियारों की भूमिका सहित अपनी सुरक्षा पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है।