भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक कार्यक्रम में कहा कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनआरसी) को अपडेट करने की प्रक्रिया पूरी तरह से भारत का अंदरूनी मामला है। साथ ही उन्होंने बांग्लादेश को आश्वस्त किया है कि एनआरसी से बांग्लादेशी लोग प्रभावित नहीं होंगे।
श्रृंगला ने बताया कि पीएम मोदी को इस महीने के अंत में मुजीब बारशो के उद्घाटन समारोह में भाग लेने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। हम इस यात्रा की प्रतीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री की प्राथमिकता दोनों देशों के रिश्ते से जुड़ी है। इससे भी ज्यादा यह है कि पीएम मोदी बांग्लादेश के लोगों के बीच विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनेता के साथ-साथ बांग्लादेश और भारत के संबंधों के प्रतीक के रूप में प्रतिष्ठित हैं। भारत में भी उनके नाम की विशेष गुंज है।
श्रृंगला ने आगे कहा कि पड़ोसियों के निकटतम होने के नाते यह अनिवार्य है कि एक-दूसरे देशों में होने वाली घटनाएं सीमा पार देशों को भी प्रभावित करती हैं। इसका हालिया उदाहरण असम में एनआरसी को अपडेट करने की प्रक्रिया है, जो पूरी तरह से सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुआ है।
असम में एनआरसी एक ऐसी प्रक्रिया है जो भारत के लिए पूरी तरह से आंतरिक मामला है। इसलिए इसका असर बांग्लादेश सरकार और बांग्लादेश के लोगों पर नहीं पड़ेगा। हम इस बात का आपको आश्वासन देते हैं।