पहलगाम आतंकी हमले की दुनियाभर में निंदा की जा रही है। पाकिस्तान की लगातार मुश्किलें बढ़ रही हैं। अब भारत और मिस्र ने मिलकर आतंकवाद का मुकाबला करने की तैयारी की है। दोनों देश मिलकर आतंकवाद के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।
काहिरा में आतंकवाद रोकने को लेकर भारत-मिस्र संयुक्त कार्य समूह की चौथी बैठक में दोनों देश आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त प्रयासों को मजबूत करने पर सहमत हुए। विदेश मंत्रालय ने बताया कि मिस्र ने हिंसा के सभी रूपों का सामना करने में भारत के प्रति अपने समर्थन की पुष्टि की। भारत और मिस्र ने पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी हमले की कड़ी निंदा की।
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बयान में कहा गया कि दोनों देशों ने सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद का मुकाबला करने में संयुक्त प्रयासों को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों पक्षों ने अपने-अपने देशों और क्षेत्रों में आतंकवादी खतरों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। बैठक में भारतीय विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (आतंकवाद-रोधी) राजदूत केडी देवल और मिस्र के विदेश मंत्रालय के आतंकवाद-रोधी विभाग के निदेशक राजदूत वालिद अल-फिकी समेत विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और मिस्र ने आतंकवाद के लिए तकनीक के उपयोग और क्रिप्टोकरेंसी, मानव रहित हवाई प्रणालियों सहित आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकवादियों द्वारा साइबरस्पेस के दुरुपयोग जैसी चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए सहयोग के क्षेत्रों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
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दोनों देशों ने धन शोधन विरोधी प्रयासों, मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई। इसके अलावा प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद से निपटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग और सूचना साझाकरण में सहयोग को गहरा करने पर सहमति जताई। इसके अलावा भारत और मिस्र ने आतंकवाद से निपटने में संयुक्त राष्ट्र और ब्रिक्स सहित बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। संयुक्त कार्य समूह की अगली बैठक भारत में आयोजित की जाएगी।
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