यूक्रेन के बर्खास्त रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव ने गुरुवार को राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिसमें उन्हें सरकार में किसी दूसरी भूमिका में लौटने का आग्रह किया गया था। फेदोरोव ने साफ कहा कि रूस के चार साल से अधिक समय से जारी युद्ध के बीच वह केवल रक्षा मंत्री के पद पर रहकर ही देश की प्रभावी सेवा कर सकते हैं।
आखिर फेदोरोव को क्यों हटाया गया था?
मिखाइलो फेदोरोव को पिछले सप्ताह महज छह महीने तक रक्षा मंत्री रहने के बाद पद से हटा दिया गया था। वह सेना के आधुनिकीकरण, युद्ध में अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और सैन्य खरीद प्रणाली में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के कारण यूक्रेन में एक युवा और लोकप्रिय नेता के रूप में उभरे थे।
उनकी बर्खास्तगी पर विवाद क्यों हुआ?
फेदोरोव की विदाई के बाद पूरे यूक्रेन में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। इन प्रदर्शनों ने राष्ट्रपति जेलेंस्की पर दबाव बढ़ाया, जबकि मॉस्को के अधिकारियों ने इस घटनाक्रम पर संतोष जताया।
फेदोरोव ने रक्षा मंत्रालय को इतना अहम क्यों बताया?
फेदोरोव ने अपने बयान में कहा कि रक्षा मंत्रालय उन केवल तीन पदों में शामिल है जो वास्तव में युद्ध की दिशा तय करते हैं। उनके अनुसार, बाकी दो पद राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों के प्रमुख के हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह रक्षा मंत्री के अलावा कोई दूसरा पद स्वीकार नहीं करेंगे। इसे जेलेंस्की के प्रस्ताव के खिलाफ उनके स्पष्ट और सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।
जेलेंस्की ने उन्हें कौन-सा नया पद देने की पेशकश की थी?
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने गुरुवार को बताया कि उन्होंने फेदोरोव को सैन्य नवाचार (मिलिट्री इनोवेशन) के लिए उपप्रधानमंत्री का पद संभालने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन फेदोरोव ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
रक्षा मंत्रालय में उनका अधूरा मिशन क्या था?
फेदोरोव ने कहा कि वह रक्षा मंत्रालय में शुरू किए गए अपने सुधारों को पूरा करना चाहते थे, लेकिन सेना प्रमुख ओलेक्सांद्र सिर्स्की के साथ संबंध बिगड़ने के बाद उनका कार्यकाल बीच में ही समाप्त हो गया। सिर्स्की को सोवियत दौर की सैन्य सोच का प्रतिनिधि माना जाता है।
उन्होंने दूसरे पद को क्यों नकार दिया?
फेदोरोव का कहना है कि रक्षा मंत्रालय के अलावा किसी अन्य पद के पास सैन्य खरीद में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, सेना के व्यापक बदलाव को पूरा करने, दुश्मन के खिलाफ असममित अभियानों की योजना बनाने और उन्हें लागू करने, तथा व्यवस्था में फैली झूठ और जवाबदेही की कमी की संस्कृति को खत्म करने का वास्तविक अधिकार नहीं है।
युद्ध को लेकर उनकी रणनीति क्या थी?
फेदोरोव ने बताया कि उन्होंने पिछले जनवरी में रक्षा मंत्री का पद संभालते समय एक स्पष्ट योजना बनाई थी। उनका उद्देश्य वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत करना, मोर्चे पर मजबूती से डटे रहना और लंबी दूरी के हमलों के जरिए रूस की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाकर युद्ध की दिशा बदलना था।
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उन्होंने भविष्य को लेकर क्या संदेश दिया?
फेदोरोव ने कहा कि उनकी टीम के प्रयासों से एक अभूतपूर्व अवसर पैदा हुआ था, जिसके जरिए ताकत के दम पर रूस को शांति के लिए मजबूर किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि यूक्रेन इस अवसर को किसी भी कीमत पर गंवाने का जोखिम नहीं उठा सकता।