नॉर्वे, आयरलैंड और स्पेन ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए बुधवार को फलस्तीन को देश के तौर पर मान्यता दे दिया। इसकी इस्राइल ने कड़ी आलोचना की है जबकि फलस्तीन ने खुशी जताई है। इस्राइल ने नॉर्वे व आयरलैंड से अपने राजदूतों को वापस बुलाने का आदेश दिया है। इस्राइल के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस कदम के गंभीर नतीजे होंगे। इससे तनाव बढ़ गया है।
सबसे पहले नॉर्वे ने मान्यता देने के फैसले की घोषणा की। नॉर्वे के पीएण जोनस गार स्तूर ने कहा, यदि मान्यता नहीं दी गई तो पश्चिम एशिया में शांति नहीं हो सकती। नॉर्वे 28 मई तक फलस्तीन को देश के तौर पर मान्यता दे देगा। यूरोपीय संघ के कई देशों ने पिछले दिनों संकेत दिया है कि वे मान्यता देने की योजना बना रहे हैं, क्योंकि क्षेत्र में शांति के लिए द्वि-राष्ट्र समाधान जरूरी है।
इस्राइल ने पीएम मोदी के समर्थन को सराहा
इस्राइली राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने गत वर्ष 7 अक्तूबर को देश में हुए हमास के आतंकी हमलों के बाद इस्राइल के समर्थन व एकजुटता का वादा करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की सराहना की है। इस्राइल के राष्ट्रीय दिवस पर एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, मोदी इतिहास के सही पक्ष में खड़े रहे। भारत सचमुच दुनिया के बड़े देशों में से एक है और इस्राइल सबसे छोटे देशों में...फिर भी बहुत कुछ है जिसे हम साझा करते हैं। इस्राइली राष्ट्रपति ने कहा, भारत और इस्राइल दोनों पूरी तरह से आधुनिक राष्ट्र हैं, जो दृढ़ लोकतांत्रिक आदर्शों पर आधारित हैं। लेकिन हम परंपराओं में भी गहराई से निहित हैं। इतने सारे क्षेत्रों में, हमारी साझेदारी मजबूत व्यापार और वाणिज्यिक संबंधों से लेकर सार्थक सांस्कृतिक, शैक्षणिक, तकनीकी और वैज्ञानिक आदान-प्रदान तक बढ़ाती है।
वैश्विक आलोचना के बीच भारत के समर्थन का आभार : गिलोन
नई दिल्ली में आयोजित इस्राइली राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारत में इस्राइली दूत नाओर गिलोन ने कहा, गाजा अभियान पर बढ़ती आलोचना के बीच भारत के अटूट समर्थन को हम कभी नहीं भूलेंगे। यहां हमें जितना समर्थन मिला, वह किसी आश्चर्य से कम नहीं है। भारत का आभार।
भारत स्वयं आतंकवाद का शिकार : विनय मोहन क्वात्रा
भारत के विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने कहा, हम इस्राइल की आजादी के एक और वर्ष को मना रहे हैं, लेकिन हमारा दिल हाल की घटनाओं के बोझ से भारी है। भारत खुद सीमा पार आतंकवाद का शिकार है। हमारी संवेदनाएं बंधकों के साथ हैं।