सीरिया के उत्तरी क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। शनिवार सुबह सीरियाई सरकारी सेनाएं उत्तरी शहर दीर हाफ़ेर के बाहरी इलाकों में दाखिल हो गईं। यह कदम कुर्द नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) के उस फैसले के बाद आया है, जिसमें उन्होंने संघर्ष टालने के लिए इलाके को खाली करने की घोषणा की थी।
पीछे हटी एसडीएफ
यह घटना इस महीने की शुरुआत में अलेप्पो में सरकारी सैनिकों और अमेरिका समर्थित एसडीएफ के बीच हुई खूनी झड़पों के बाद हुई है। यह झड़प सरकारी सेनाओं द्वारा कब्जे में लिए गए तीन इलाकों से कुर्द लड़ाकों के हटने के साथ खत्म हुई। शनिवार को बुलडोजर ने रास्तों की रुकावटें हटाईं, जिसके बाद सरकारी टैंक और बख्तरबंद गाड़ियां दीर हाफेर की ओर बढ़ीं। शहर के किनारे एसडीएफ का कोई भी लड़ाका मौजूद नहीं था।
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11,000 से ज्यादा लोगों ने छोड़ा घर
सीरियाई सेना ने बताया कि अब दीर हाफेर और पास के जर्राह एयरबेस पर उसका पूरा नियंत्रण है। सैनिक वहां से बारूदी सुरंगें हटा रहे हैं और अब वे मस्काना शहर की ओर बढ़ेंगे। सरकार ने जब हमले की चेतावनी दी थी, तो डर के कारण पिछले दो दिनों में 11,000 से ज्यादा लोग दीर हाफेर और मस्काना छोड़कर भाग गए।
अमेरिका ने की शांति बनाए रखने की अपील
इसके बाद शुक्रवार रात को, जब सरकारी सेनाओं ने दीर हाफेर में एसडीएफ के ठिकानों पर बमबारी शुरू की, तो एसडीएफ कमांडर मजलूम अब्दी ने कहा कि उनके लड़ाके यूफ्रेट्स नदी के पूर्व की ओर चले जाएंगे। तनाव कम करने के लिए अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने शुक्रवार को इलाके का दौरा किया था। अमेरिका ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की थी।
नए कानून की अहम भूमिका
एसडीएफ का दीर हाफेर से पीछे हटने का फैसला सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शारा ने शुक्रवार को एक फरमान जारी करने के बाद लिया। इसमें देश के कुर्द लोगों के अधिकारों को बढ़ाया गया था। 2011 में संघर्ष शुरू होने से पहले सीरिया की 23 मिलियन आबादी में से लगभग दस प्रतिशत कुर्द थे।
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नए कानून में क्या?
पिछले कुछ दशकों में, सीरिया के कुर्द लोगों को हाशिए पर धकेल दिया गया था और बाथ पार्टी के शासन के तहत उनके सांस्कृतिक अधिकारों से वंचित कर दिया गया था। इसने दिसंबर 2024 में बशर असद के गिरने तक छह दशकों तक सीरिया पर शासन किया था। अल-शारा के फरमान ने अरबी के साथ-साथ कुर्दिश को एक राष्ट्रीय भाषा के रूप में मान्यता दी। साथ ही नवरोज त्योहार को, जो वसंत और नवीनीकरण का एक पारंपरिक उत्सव है जिसे क्षेत्र के कुर्द लोग मनाते हैं, एक आधिकारिक छुट्टी घोषित किया।
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