अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की एक बार फिर मुुलाकात होने वाली है। उत्तर कोरिया के वरिष्ठ वार्ताकार किम योंग चोल गुरुवार को परमाणु वार्ता के लिए अमेरिका पहुंचे हैं। इसी दौरान वह विदेश मंत्री माइक पोम्पियो से किम और ट्रंप के दूसरे सम्मेलन को लेकर बातचीत कर सकते हैं।
अपने शिष्ठ मंडल के साथ चोल जब अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे तो वहां उनका स्वागत उत्तर कोरिया के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि स्टेफन बेगन ने किया। योनहाप न्यूज एजेंसी का कहना है कि ऐसा पहली बार हो रहा है जब उत्तर कोरिया का कोई सरकारी अधिकारी सीधे वाशिंगटन डीसी आया हो, बिना किसी अमेरिकी शहर में रुके।
चोल को किम जोंग का करीबी माना जाता है। वह दूसरे सम्मेलन को लेकर पोम्पियो से तो बातचीत करेंगे ही साथ ही वह डोनाल्ड ट्रंप से भी मिल सकते हैं और उन्हें किम जोंग का खत सौंप सकते हैं।
बीते साल सिंगापुर में हुई मुलाकात के बाद से ही किम जोंग कहते आए हैं कि उनकी सरकार परमाणु निरस्त्रीकरण के अपने वादे को पूरा करेगी। किम और ट्रंप के बीच बीते साल हुई मुलाकात से पहले रिश्ते बेहद खराब थे, लेकिन इस मुलाकात के बाद दोनों नेताओं के रिश्ते बेहतर होते गए।
चाहे फिर किम का ट्रंप को खत भेजना रहा हो या फिर ट्रंप द्वारा किम की तारीफ करना। जहां एक तरफ उत्तर कोरिया कह रहा है कि वह परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका का कहना है कि उत्तर कोरिया पूरी तरह से परमाणु निरस्त्रीकरण का अपना वादा नहीं निभा रहा है।