उत्तर कोरिया ने बुधवार को कहा है कि उसने सामरिक हथियार का परीक्षण किया है। इससे इस देश की सैन्य शक्ति में काफी वृद्धि होगी। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज ने कहा है कि देश के नेता किम जोंग उन ने डिफेंस साइंस की अकैडमी द्वारा किए गए नए हथियार परीक्षण का निरीक्षण किया है।
अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि किस तहर के हथियार का परीक्षण किया गया है। लेकिन ये बात सच है कि फरवरी में वियतनाम के हनोई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुए दूसरे शिखर सम्मेलन के बाद यह पहला हथियार परीक्षण है।
ट्रंप के साथ दूसरे शिखर सम्मेलन में किम की परमाणु निरस्त्रीकरण पर अंतिम डील नहीं हो पाई थी। और अब उत्तर कोरिया का ये कदम साफ बताता है कि किम ने अमेरिका की परमाणु निरस्त्रीकरण करने की मांग की पूर्ण अवहेलना की है।
इस हथियार परीक्षण पर किम ने कहा है कि इसका पीपल्स आर्मी के युद्ध लड़ने की क्षमता में काफी महत्व है। विश्लेषकों का मानना है कि ये हथियार एक लंबी दूरी में मार करने वाला हो सकता है।
अमेरिका स्थित जियोर्जटाउन युनिवर्सिटी में उत्तर कोरिया के विशेषज्ञ विक्टर चा का कहना है, "बैलिस्टिक मिसाइल नहीं, ऐसा लगता है कि वे बीते परीक्षण और इस परीक्षण से विमानभेदी क्षमताओं पर काम कर रहे हैं।
इससे ऐसा लगता है कि उत्तर कोरिया अपना काम कर रहा है, हनोई शिखर सम्मेलन के असफल होने के बाद भी। वे सौदा करने के लिए अमेरिका को ये साल दे रहे हैं, लेकिन इसी बीच वे अपनी क्षमताओं को भी बढ़ा रहे हैं। किसी भी समझौते से बिना बंधे।"
इस मामले पर अमेरिका स्थित थिंकथैंक हेरिटेज फाउंडेशन के ब्रूस क्लिंगर का कहना है कि उत्तर कोरिया ने बीते साल नवंबर में भी ऐसा ही एक बयान जारी किया था, लेकिन उसका भी विशेषज्ञों को पता नहीं है कि किस तरह के हथियार का परीक्षण किया गया था।
क्लिंगर ने आगे कहा, "हालांकि अमेरिका को किसी तरह के मिसाइल परीक्षण का पता नहीं लग पाया है। तो ये एक कम दूरी में मार करने वाला सिस्टम हो सकता है, शायद एक आर्टिलरी सिस्टम जैसे कि कोई रॉकेट लॉन्चर या एक एंटीटैंक गाइडेड मिसाइल।"