उत्तर कोरिया ने यूएन की परमाणु कार्यक्रमों से जुड़ी निगरानी संस्था आईएईए को ‘कठपुतली’ करार देते हुए कहा कि यह शत्रुतापूर्ण रवैया रखनेवाले पश्चिमी देशों की ‘धुनों पर नाचती’ है।
उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र की निगरानी संस्था द्वारा उसके परमाणु कार्यक्रम के संबंध में जुटाई गई जानकारियों में ‘घोर विसंगतियां’ रेखांकित करते हुए कहा कि यह जानकारियां ‘अटकलों और जाली तथ्यों’ पर आधारित हैं।
उत्तर कोरिया के दूत किम सोंग ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में अपने भाषण के दौरान ये बातें कहीं। यहां अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के कार्यकारी अधिकारी राफेल ग्रोसी ने प्योगयांग की परमाणु संबंधी गतिविधियों को ‘बेहद अफसोसजनक’ और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का ‘स्पष्ट उल्लंघन’ करार दिया था।
आईएईए का कोई भी निरीक्षक उत्तर कोरिया में 2009 से मौजूद नहीं है क्योंकि प्योंगयांग ने उन्हें बर्खास्त कर दिया था। एजेंसी ने एक सितंबर 2020 को अपनी रिपोर्ट में कहा था कि किम जोंग उन को निरीक्षण संबंधी काम करनेवाले वाले अधिकारियों को फिर से बहाल करना चाहिए।