उत्तर कोरिया का अंतरिक्ष कार्यक्रम (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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उत्तर कोरिया ने अंतरिक्ष कार्यक्रम को एक बड़ा झटका लगा है। दरअसल सोमवार को एक जासूसी उपग्रह को ले जा रहे रॉकेट में हवा में ही विस्फोट हो गया। स्थानीय रिपोर्ट्स में बताया गया है कि उत्तर कोरिया के पड़ोसियों ने इस रॉकेट के प्रक्षेपण की कड़ी आलोचना की थी।
पहले चरण की उड़ाने के दौरान हुआ विस्फोट
बताया गया है कि उत्तर कोरिया ने उत्तर-पश्चिमी अंतरिक्ष केंद्र से एक नए रॉकेट को प्रेक्षेपित किया था। इस रॉकेट के साथ एक जासूसी उपग्रह भी प्रक्षेपित किया गया था। पहले चरण की उड़ान के दौरान ही रॉकेट हवा में फट गया। बताया गया है कि रॉकेट के इंजन में कुछ समस्या आ गई थी। इस वजह से वह हवा में ही फट गया। रॉकेट लॉन्च करने से पहले जापान के कोस्ट गार्ड को उत्तर कोरिया के प्लान के बारे में पता चला था। इसके तुरंत बाद जापान द्वारा उत्तर कोरिया को चेतावनी दी गई थी।
दक्षिण कोरिया और जापान ने बताई ये बातें
उधर दक्षिण कोरिया के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें उत्तर कोरिया के जासूसी उपग्रह के लिए उठाए गए कदम का पता चला था। इसके चार मिनट में पानी में कुछ टुकड़े देखे गए। इसके अलावा जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने उत्तर कोरिया के प्रक्षेपण कार्यक्रम के तुरंत बाद ओकिनावा द्वीप के लिए मिसाइल अलर्ट जारी किया था। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अनुसार पहले आसमान में एक नारंगी रंग की रोशनी देखी गई और इसके कुछ ही समय बाद एक विस्फोट हुआ।
नवंबर 2023 में अंतरिक्ष में भेजा था पहला जासूसी उपग्रह
इससे पहले वर्ष 2023 के नवंबर महीने में नॉर्थ कोरिया ने अंतरिक्ष में अपना पहला जासूसी उपग्रह भेजा था। बताया गया था कि अमेरिका की धमकियों का जवाब देने के लिए यह प्रक्षेपण किया गया था। इसके बाद उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने कहा था कि 2024 में ऐसे तीन और अंतरिक्ष उपग्रहों का प्रक्षेपण किया जाएगा। नवंबर 2023 में जासूसी उपग्रह भेजने से पहले उत्तर कोरिया के दो प्रयास विफल रहे थे। पहले प्रयास में प्रक्षेपित किया गया रॉकेट समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसके बाद दूसरा प्रयास भी विफल रहा था। यह तीसरी बार है, जब उत्तर कोरियाई रॉकेट में हवा में विस्फोट हो गया।