वैश्विक निकाय के विशेषज्ञों ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने प्रतिबंधों को दरकिनार कर अपने एटमी हथियारों और बैलेस्टिक मिसाइलों का आधुनिकीकरण किया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर कोरिया इन कार्यक्रमों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री तथा तकनीक दूसरे देशों से लेने की कोशिशें भी कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने कहा, प्रतिबंधों को दरकिनार कर रहे किम जोंग
उत्तर कोरिया पर लगाए गए संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों पर निगरानी रखने वाले विशेषज्ञों के एक दल ने सुरक्षा परिषद में सौंपी गई एक रिपोर्ट में कहा है कि किम जोंग उन की सरकार ने ऐसी सामग्री का निर्माण भी कर लिया है जिससे परमाणु हथियार बन सकता है।
विशेषज्ञों ने कहा, उत्तर कोरिया ने कम दूरी की नई मिसाइलों, मध्यम दूरी की, पनडुब्बी से मार करने योग्य और अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइलों का सैन्य परेड में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, किम जोंग ने नए बैलेस्टिक मिसाइल मुखास्त्र और रणनीतिक एटमी हथियारों के विकास के परीक्षण तथा निर्माण की घोषणा की तथा मिसाइल अवसंरचना को नया बनाया।
बता दें कि उत्तर कोरिया ने 2006 में पहली बार नाभिकीय परीक्षण किया था जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने उस पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे। लेकिन उसने इन्हें नजरअंदाज करते हुए मिसाइल कार्यक्रमों का विकास किया।
सायबर हमलों का इस्तेमाल किया
यूएन विशेषज्ञ पैनल ने कहा, उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु हथियारों व बैलेस्टिक मिसाइलों को संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों की धज्जियां उड़ाते हुए, अपने कार्यक्रमों को वित्त देने में मदद करने के लिए साइबर हमले का इस्तेमाल किया है।
यही नहीं बल्कि उसने अपने शस्त्रागार के लिए विदेशों में सामग्री और प्रौद्योगिकी की तलाश जारी रखी है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक अज्ञात देश के अनुसार उत्तर कोरिया की 2019 से नवंबर 2020 तक आभासी संपत्ति की कुल चोरी लगभग क़रोड़ डॉलर है।
ईरान से सहयोग के आरोप
संयुक्त राष्ट्र की एक गोपनीय रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने 2020 में लंबी दूरी की मिसाइलों को बनाने में उत्तर कोरिया की मदद की थी। हालांकि ईरान ने इन आरोपों से इनकार किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि फिर से शुरू किए गए सहयोग में अहम हिस्सों के हस्तांतरण को शामिल करने की बात भी कही जा रही है।
ब्लूमबर्ग के मुताबिक उत्तर कोरिया के मिसाइल विशेषज्ञों ने ईरान के शहीद हज अली मोवाहिद रिसर्च सेंटर के एक लॉन्च व्हीकल को समर्थन और सहायता भी की। इस बीच, ईरान के खुफिया विभाग के मंत्री ने कहा है कि ईरान परमाणु हथियार बना सकता है।