उत्तर कोरिया ने अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता शुरू करने से एक बार फिर इनकार किया है। उत्तरी कोरिया ने शनिवार को दोहराया कि उसकी अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता शुरू करने की अभी कोई योजना नहीं है। खास तौर पर तब तक, जब तक वाशिंगटन उसके प्रति शत्रुतापूर्ण नीतियों को छोड़ नहीं देता।
उत्तर कोरिया की प्रथम उप विदेश मंत्री चोइ सुन हुई का यह बयान तब आया है जब कुछ दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने पत्रकारों से कहा था कि ट्रंप अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ एक अन्य शिखर सम्मेलन करना चाहते हैं।
चोइ के बयान से पहले भी उत्तर कोरिया कई बार कह चुका है कि वह ट्रंप को उनकी विदेश नीति की उपलब्धियों का बखान करने के लिए हाई-प्रोफाइल बैठकों का कोई और तोहफा नहीं देगा जब तक कि उसे बदले में कुछ ठोस नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि क्या यह संभव है कि अमेरिका के साथ कोई वार्ता या बैठक की जाए, जो पहले की शिखर वार्ता में हुए समझौतों की परवाह न करते हुए उत्तर कोरिया के प्रति शत्रुतापूर्ण नीति अपनाए हुए है?
चोइ ने कहा कि हमें अमेरिका के साथ आमने-सामने बैठक करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि अमेरिका, उत्तर कोरिया-अमेरिका वार्ता को अपने राजनीतिक संकट से निपटने के लिए एक हथकंडे के अलावा और कुछ नहीं समझता है। बता दें कि इससे पहले ट्रंप और किम जोंग उन तीन बार मिल चुके हैं।