उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन
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उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया की बढ़ती सुरक्षा साझेदारी पर चिंता जताते हुए इसे उत्तर कोरिया की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा करार दिया है। किम जोंग उन ने इस खतरे से निपटने के लिए अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को बढ़ाने का संकल्प लिया है। किम के इस बयान से संकेत मिल रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की उत्तर कोरिया से बातचीत की फिलहाल उम्मीद कम ही है। ट्रंप ने राष्ट्रपति पद संभालने के बाद ही उत्तर कोरियाई नेता से बातचीत करने के संकेत दिए थे, लेकिन अब जो हालात हैं, उन्हें देखते हुए इसकी उम्मीद कम ही है।
किम जोंग उन ने इन देशों को दी धमकी
उत्तर कोरिया की कोरियाई पीपुल्स आर्मी की 77वीं स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर शनिवार को दिए गए भाषण में किम जोंग उन ने कहा कि 'अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के साथ सैन्य साझेदारी बढ़ाकर नाटो की तरह सैन्य ब्लॉक बनाने की कोशिश कर रहा है। इससे कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य असंतुलन बढ़ सकता है।' किम जोंग उन ने कहा कि 'तीनों देशों की सैन्य साझेदारी उत्तर कोरिया की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती खड़ी कर रही है।' किम ने उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों को और अधिक विकसित करने की बात कही।
अपने परमाणु हथियारों के जखीरे को बढ़ा रहा उत्तर कोरिया
गौरतलब है कि उत्तर कोरिया ने हाल के समय में अपने परमाणु हथियारों के जखीरे को बढ़ाया है। इसके जवाब में अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के साथ ही जापान को भी अपने ब्लॉक में शामिल कर उत्तर कोरिया की चुनौती से निपटने की कोशिश शुरू कर दी है और तीनों देशों की सेनाएं संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रही हैं। इन सैन्य अभ्यास को लेकर उत्तर कोरिया ने नाराजगी भी जाहिर की है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ बातचीत के संकेत भी दिए थे और किम जोंग उन को बुद्धिमान व्यक्ति बताया था।