किम यो जोंग ने कड़े शब्दों में कहा कि ये बात समझ ली जानी चाहिए कि साल 2025, न तो 2018 है और न ही 2019। उत्तर कोरिया के परमाणु संपन्न देश के दर्जे को नकारने की किसी भी कोशिश को सिरे से खारिज किया जाएगा।'
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन ने एक बयान में अमेरिका के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण पर बातचीत करने से साफ इनकार कर दिया है। मंगलवार को एक बयान में किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने कहा कि उत्तर कोरिया के परमाणु संपन्न राष्ट्र होने के दर्जे से इनकार करेगा तो उत्तर कोरिया उसका कड़ा विरोध करेगा।
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अमेरिका ने जताई थी बातचीत की उम्मीद
जनवरी में अपना दूसरा कार्यकाल शुरू होने के बाद से ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ अपने निजी रिश्तों का हवाला दे चुके हैं और उत्तर कोरिया के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण पर बातचीत की उम्मीद भी जता चुके हैं। 2018-19 में अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते दोनों देशों की बातचीत पटरी से उतर गई थी। इसके बाद उत्तर कोरिया ने परमाणु हथियार बनाए और अपने जखीरे का विस्तार किया। हाल ही में व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने भी एक लेख में कहा कि 'राष्ट्रपति ट्रंप, अभी भी किम जोंग उन से परमाणु निरस्त्रीकरण पर बातचीत के लिए तैयार हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए किम यो जोंग ने कड़े शब्दों में कहा कि ये बात समझ ली जानी चाहिए कि साल 2025, न तो 2018 है और न ही 2019। उत्तर कोरिया के परमाणु संपन्न देश के दर्जे को नकारने की किसी भी कोशिश को सिरे से खारिज किया जाएगा।'
;'अमेरिका को सच्चाई स्वीकारनी चाहिए'
उत्तर कोरियाई नेता की बहन ने माना कि उनके भाई किम जोंग उन और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच अच्छे रिश्ते हैं, लेकिन अगर दोनों के रिश्तों को उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण के औजार की तरह देखा जाएगा तो इसे एक मजाक ही कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि 'अगर अमेरिका इस बदली हुई परिस्थिति को स्वीकार नहीं कर सकता तो अमेरिका और उत्तर कोरियाई नेताओं की बैठक सिर्फ एक उम्मीद बनकर रह जाएगी।'
दक्षिण कोरिया से भी बातचीत से किम यो जोंग का इनकार
किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने हाल ही में अपने एक बयान में दक्षिण कोरिया के साथ भी बातचीत की संभावनाओं से इनकार कर दिया है। किम यो जोंग के हवाले से कहा गया कि 'हम एक बार फिर अपना आधिकारिक स्टैंड साफ कर देना चाहते हैं, चाहे दक्षिण कोरिया कोई भी नीति अपनाए या कोई भी प्रस्ताव दे, हमें उनके साथ बातचीत में कोई दिलचस्पी नहीं है और न ही बातचीत का कोई कारण है।' दक्षिण कोरिया ने कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिन्हें दक्षिण कोरिया की उत्तर कोरिया के साथ संबंध सुधारने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के बाद उनकी बहन किम यो जोंग को बेहद ताकतवर माना जाता है। ऐसे में किम यो जोंग के बयान को उत्तर कोरियाई सरकार का आधिकारिक स्टैंड माना जा सकता है।