उत्तर कोरिया ने खुद पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर एक बार फिर अमेरिका को चेतावनी दी है। यहां कोरियाई सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने बुधवार को कहा कि अब उत्तर कोरिया का धैर्य खत्म हो रहा है और वॉशिंगटन बातचीत के लिए जल्द सही कूटनीतिक तरीका अपनाए।
उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है, "अमेरिका को अपने आकलन का तरीका बदलना चाहिए, ताकि हम बीते साल जून में हुए पहले शिखर सम्मेलन के समझौते को बनाए रख सकें। अमेरिका को हमारे रिश्ते में बीते एक साल में आए बदलाव को देखना चाहिए। साथ ही जल्द से जल्द अपनी नीतियों पर फैसला लेना चाहिए।"
उत्तर कोरिया को प्रतिबंधों में राहत के बदले उसके परमाणु कार्यक्रम पर रोक से संबंधित समझौते पर पहुंचने से नाकाम रहने के बाद किम जोंग उन और ट्रंप वियतनाम की राजधानी से बिना किसी समझौते के लौट आए थे। उत्तर कोरिया ने इसके बाद से दबाव बढ़ा दिया है और मई में उसने दो कम दूरी वाले मिसाइलों का भी प्रक्षेपण किया।
अखबार के अनुसार पार्टी के वरिष्ठ अधिकारी एवं परमाणु वार्ता में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के समकक्ष रहे किम योंग चोल को भी श्रम शिविर भेज दिया गया है।