दक्षिण कोरियाई कार्यकर्ता की तरफ से सीमा पर किम सरकार के विरोध में पर्चे फेंकने से उत्तर कोरिया एक बार फिर भड़क गया है। इस घटना पर नाराजगी जताते हुए उसने दक्षिण कोरिया के साथ 2018 में हुआ सैन्य समझौता रद्द करने और सीमा पर स्थित संपर्क कार्यालय को बंद करने की धमकी दी है।
उत्तर कोरिया ने धमकी दी है कि अगर दक्षिण कोरिया अपने कार्यकर्ता को सीमा पर पर्चे फाड़कर फेंकने से नहीं रोक पाया तो दोनों देशों के बीच तनाव कम करने को लेकर हुए सैन्य समझौते रद्द कर दिए जाएंगे। हालांकि, महामारी को देखते हुए दोनों कोरियाई देशों के साथ संपर्क कार्यालय जनवरी से बंद है लेकिन अब तक इसे लेकर असहमति जैसी बात नहीं थी। इस बीच, दक्षिण कोरिया के सामाजिक कार्यकर्ता और उत्तर कोरियाई अलगाववादी गुब्बारों के सहारे ये उत्तर कोरिया में मानवाधिकारों के उल्लंघन और एटमी ताकत को लेकर आलोचना भरे संदेश भेजते रहते है। किम की बहन किम यो जोंग ने धमकी दी, दक्षिण कोरिया बार-बार बहाने बनाता रहता है और यदि इस तरह की गतिविधियों पर काबू नहीं किया गया तब भारी कीमत चुकानी होगी।
सीमा पर विरोध प्रदर्शन रोकेंगे : दक्षिण कोरिया
दक्षिण कोरिया ने पुष्टि की है कि प्योंगयांग ने उसे धमकाया है। हालांकि, उसने यह भी कहा कि दक्षिण कोरिया निश्चित ही एशिया के सबसे जीवंत लोकतंत्रों में से एक है और यहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को रोकना हताश करने वाली कार्रवाई होगी। प्रवक्ता ने कहा कि कार्यकर्ताओं की इस कार्रवाई को उत्तर कोरिया अपने ऊपर हमला न माने। वह कोशिश करेगा कि सीमा पर विरोध प्रदर्शनों को रोके।