चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मंगलवार को कहा कि ताइवान का चीन के साथ एकीकरण को कोई भी नहीं रोक सकता। उन्होंने नववर्ष 2025 की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में यह बात कही। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब चीन में आर्थिक मंदी और अमेरिका में राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप की वापसी को लेकर बीजिंग की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। ट्रंप ने इस साल अपने दूसरे कार्यकाल में चीनी उत्पादों पर दंडात्मक शुल्क लगाने की चेतावनी दी है।
जिनपिंग ने अपने संदेश में कहा, हम चीनी लोग ताइवान जलडमरूमध्य के दोनों ओर एक ही परिवार के सदस्य हैं। कोई भी हमारे संबंधों को कभी तोड़ नहीं सकता। उनका यह संदेश चीन के सरकारी प्रसारक पर प्रसारित किया गया। चीन, ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और एक चीन नीति को मजबूती से लागू करता है। जिनपिंग के शासन में ताइवान को चीन में मिलाने की दिशा में कई बड़े कदम उठाए गए।
बीजिंग की विदेश नीति को लेकर जिनपिंग ने कहा, चीन वैश्विक शासन सुधारों को बढ़ावा देने और विश्व शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा, आज बदलाव और उथल-पुथळ की दुनिया के बीच चीन एक जिम्मेदार देश के रूप में वैश्विक सुधारों को बढ़ावा दे रहा है और वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच एकता और सहयोग को मजबूत कर रहा है।
शी जिनपिंग ने अपने नए साल के लक्ष्यों में चीन की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर भी बात की। कोविड-19 के कारण चीन की अर्थव्यवस्था काफी धीमी हुई, जिसके कारण रियल एस्टेट क्षेत्र में गिरावट आई और कई लोगों के रोजगार जाने जैसी समस्याएं पैदा हुईं। हालांकि, जिनपिंग ने कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था अब वापस उबर रही है और 2024 तक चीन का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 130 ट्रिलियन युआन (करीब 18.08 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर) के स्तर पर पहुंचने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन के कृषि उत्पादन में 700 मिलियन टन से अधिक अनाज की पैदावार की है।
उन्होंने आगे कहा कि चीन ने इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे नए उत्पादों के उत्पादन में भी बड़ी कामयाबी हासिल की है। 2024 में चीन ने पहली बार 10 मिलियन से अधिक नई उर्जा वाहनों का उत्पादन किया है। हालांकि, चीन को अपने ई-वाहनों के निर्यात में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि अमेरिका और यूरोपीय संघ ने इन पर भारी शुल्क लगा दिया है।
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