दुष्कर्म के आरोपों में फरार और भारत से भाग चुके विवादों में घिरे स्वयंभू बाबा नित्यानंद के बारे में दावा किया जा रहा है कि उसका देश 'कैलासा' संयुक्त राष्ट्र की एक बैठक में शामिल हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूएन की बैठक में कैलाशा के प्रतिनिधि ने अपने संबोधन के दौरान भारत की आलोचना की।
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यूएन की बैठक में 'कैलासा' का पक्ष रख रही महिला ने खुद को विजयाप्रिया नित्यानंद बताया है। इतना ही नहीं, उसने खुद को CESCR (कमेटी ऑन इकोनॉमिक, सोशल एंड कल्चरल राइट्स) की बैठक में खुद को 'कैलासा' की राजदूत बताया। महिला का वीडियो यूएन की वेबसाइट पर भी पोस्ट किया गया है। इसमें उसे कहते हुए सुना जा सकता है कि 'कैलासा हिंदुओं के लिए पहला संप्रभु देश है, जिसे नित्यानंद परमशिवम ने स्थापित किया है। वे हिंदू सभ्यता और हिंदू धर्म की 10000 स्वदेशी परंपराओं को फिर से जीवित कर रहे हैं। इसमें आदि शैव स्वदेशी कृषि जनजातियां भी शामिल हैं।'
गौरतलब है कि नित्यानंद के बारे में कहा जाता है कि उसने दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप में त्रिनिदाद और टोबैगो के पास इक्वाडोर के पास एक द्वीप पर अपना नया देश बसा लिया है। उसने इस देश का नाम कैलासा रखा है। नित्यानंद ने इस नए देश की वेबसाइट भी बनाई है। इस वेबसाइट पर दावा किया गया है- कैलासा बिना सीमाओं का देश है जिसे दुनियाभर से बेदखल हिंदुओं ने बसाया है। वेबसाइट पर कैलासा को महानतम हिंदू राष्ट्र बताया गया है। वह नेपाल के रास्ते इक्वाडोर भागा था। हालांकि, इन रिपोर्ट्स की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
नित्यानंद भारत में कई मामलों में वांछित है। उसपर दरज मामलों में दुष्कर्म, बच्चों का अपहरण-दुष्कर्म, शोषण आदि शामिल हैं। साल 2019 में वह देश से भाग गया था। जिसके बाद 2020 में इंटरपोल ने उसके खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया था।