अमेरिका के राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन के निदेशक डॉ. सेतुरमन पंचनाथन ने कहा कि एनएसएफ को उन साझेदारियों पर गर्व है जिन्हें भारत और अमेरिका ने समाज को आगे बढ़ाने के लिए वर्षों से बढ़ावा दिया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यहां राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन (एनएसएफ) मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्हें स्वास्थ्य संकट के समय सार्वजनिक संदेश, खगोल विज्ञान, रोबोटिक्स के लिए कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) जैसे प्रमुख मुद्दों पर प्रस्तुतियां दी गईं। वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों में भाग लेने के मकसद से वाशिंगटन में थीं।
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उन्होंने पिछले सोमवार को अपनी छह दिवसीय यात्रा की शुरुआत ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूट में थिंक-टैंक समुदाय के साथ वार्ता से की थी। भारतीय समयानुसार सोमवार को उनके समक्ष खगोल विज्ञान, कोविड-19 स्वास्थ्य संकट के दौरान सार्वजनिक संदेश, रोबोटिक्स के लिए एआई, कृषि और पर्यावरणीय स्थिरता के लिए प्रख्यात प्राध्यापकों ने डिजिटल प्रस्तुतियां दीं। ब्लेक होल पर सफलता की खोज के लिए प्रमुख शोधकर्ता रहीं डॉ कैथरीन बौमन, नोबेल पुरस्कार विजेता और अर्थशास्त्र के एमआईटी प्रोफेसर अभिजीत बनर्जी, अर्थ सेंस के सह-संस्थापक और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी डॉ गिरीश चौधरी ने प्रस्तुतियां दीं। एनएसएफ के निदेशक डॉ सेतुरमन पंचनाथन ने सीतारमण को फाउंडेशन के काम के बारे में जानकारी दी और उन्हें एनएसएफ गैलरी का दौरा कराया।
भारत-अमेरिकी साझेदारियों पर गर्व
अमेरिका के राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन के निदेशक डॉ. सेतुरमन पंचनाथन ने कहा कि एनएसएफ को उन साझेदारियों पर गर्व है जिन्हें भारत और अमेरिका ने समाज को आगे बढ़ाने के लिए वर्षों से बढ़ावा दिया है। वैश्विक सहयोग ने ब्लैक होल की पहली छवि को कैमरे में कैद करने से लेकर महामारी से जूझने तक अद्भुत चीजें संचालित की हैं।