फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आर्थिक नीति: जी20 मंच से इतर रूस, कोरियाई दल से सीतारमण की मुलाकात; आईएमएफ एमडी ने भारत की तारीफ में क्या कहा?

Wed, 02 Sep 2026 07:42 AM IST
शिवम गर्ग एएनआई, एशविल, अमेरिका

सार

अमेरिका के एशविले में आयोजित जी-20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रूस, दक्षिण कोरिया, आईएमएफ, विश्व बैंक और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। 
विज्ञापन
अमेरिका दौरे पर वित्त मंत्री सीतारमण - फोटो : Amar Ujala Graphics
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिका के एशविल में आयोजित जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक से इतर कई अहम देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन मुलाकातों में भारत के आर्थिक सहयोग, निवेश, वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय साझेदारी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

विज्ञापन




रूस के वित्त मंत्री से किन मुद्दों पर हुई बातचीत? 
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रूस के वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव से मुलाकात कर द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और शंघाई सहयोग संगठन विकास बैंक की स्थापना को लेकर चर्चा की। दोनों नेताओं की यह बैठक अमेरिका में आयोजित जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक से इतर हुई। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रमों तथा बहुपक्षीय मंचों पर साझा हित के मुद्दों पर विचार साझा किए।

बैठक में निर्मला सीतारमण और सिलुआनोव ने न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) तथा एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) से जुड़े सहयोग पर भी चर्चा की। दोनों देशों ने इन संस्थानों को प्रभावी बहुपक्षीय विकास बैंकों के तौर पर मजबूत करने के लिए साझा हित वाले क्षेत्रों की संभावनाएं तलाशने पर विचार किया। इसके अलावा, दोनों वित्त मंत्रियों के बीच शंघाई सहयोग संगठन विकास बैंक की स्थापना के मुद्दे पर भी बातचीत हुई।

दक्षिण कोरिया के साथ आर्थिक साझेदारी पर जोर

वित्त मंत्री ने दक्षिण कोरिया के उप प्रधानमंत्री एवं अर्थव्यवस्था और वित्त मंत्री कू यून-चोल से भी मुलाकात की। बैठक में भारत-कोरिया आर्थिक और वित्तीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। सीतारमण ने कहा कि भारत दक्षिण कोरिया को एक महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार मानता है और दोनों देशों के बीच संबंधों से कई क्षेत्रों में पारस्परिक लाभ हुआ है। दोनों मंत्रियों ने भारत-कोरिया वित्त मंत्रियों की बैठक को आगे बढ़ाने के लिए जल्द कार्यस्तरीय बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई।

विज्ञापन


बैठक में महत्वपूर्ण खनिजों, मजबूत सप्लाई चेन और अन्य उभरते रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। सीतारमण ने दक्षिण कोरिया से उभरते क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने का स्वागत किया और कहा कि भारतीय कंपनियां भी कोरिया में निवेश की संभावनाएं तलाश सकती हैं। इसके अलावा एनआईआईएफ के माध्यम से निवेश सहयोग मजबूत करने और भारत में बुनियादी ढांचे तथा हरित बदलाव से जुड़े निवेश के लिए कोरिया के ईडीसीएफ ढांचे के तहत प्रस्तावित रियायती ऋण सुविधा को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों देशों के QR आधारित भुगतान सिस्टम की इंटरऑपरेबिलिटी पर चल रहे प्रयासों पर भी बातचीत हुई। इससे दोनों देशों के बीच भुगतान को आसान बनाने और आर्थिक एवं लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

IMF प्रमुख ने भारत की आर्थिक क्षमता की सराहना की

निर्मला सीतारमण ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा से भी मुलाकात की। दोनों के बीच वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और भारत की बदलती विकास यात्रा पर चर्चा हुई। वित्त मंत्रालय के अनुसार, जॉर्जीवा ने भारत के मजबूत आर्थिक प्रदर्शन और उसके ट्रैक रिकॉर्ड की सराहना की। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था में बनी मजबूती और देश में हो रहे संरचनात्मक बदलावों का उल्लेख किया।

सीतारमण ने भारत के मजबूत व्यापक आर्थिक आधारों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं में हो रहे संरचनात्मक बदलावों को आर्थिक आकलन और विकास अनुमानों में उचित तरीके से शामिल करने की जरूरत पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने आईएमएफ की क्षमता निर्माण पहलों पर भी चर्चा की। इसमें संस्थागत क्षमता, व्यापक आर्थिक नीति निर्माण और सांख्यिकी व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़ा सहयोग शामिल है।

विश्व बैंक और यूरोपीय संघ के साथ भी हुई बातचीत

सीतारमण ने विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष अजय बंगा और यूरोपीय आयोग के आर्थिक एवं वित्तीय मामलों के आयुक्त वाल्दिस डोम्ब्रोव्स्किस के साथ भी उच्चस्तरीय बैठकें कीं। अजय बंगा के साथ बातचीत में भारत में बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुए बदलाव और देश की विकास महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने के लिए विश्व बैंक समूह के विभिन्न साधनों के इस्तेमाल की संभावनाओं पर चर्चा हुई। भारतीय कंपनियों के विदेशों में निवेश के लिए MIGA की भूमिका और राजनीतिक जोखिम बीमा के अवसरों पर भी विचार हुआ।

सीतारमण ने भारत में ग्लोबल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर नॉलेज हब स्थापित करने को लेकर विश्व बैंक समूह के साथ चल रहे सहयोग का भी उल्लेख किया। इसमें कृषि समेत विभिन्न क्षेत्रों में तकनीक के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया गया।

वहीं, यूरोपीय आयोग के आयुक्त डोम्ब्रोव्स्किस के साथ बैठक में भारत-ईयू आर्थिक एवं वित्तीय साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने भारत-ईयू व्यापक आर्थिक संवाद और ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (टीटीसी) के जरिए सहयोग आगे बढ़ाने पर विचार किया। बैठक में भारत-ईयू एफटीए और इन्वेस्टमेंट प्रोटेक्शन एग्रीमेंट से जुड़ी बातचीत को भी आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें