प्रवर्तन निदेशालय के संयुक्त निदेशक सत्यब्रत कुमार की प्रतिनियुक्ति उनके पांच वर्ष के कार्यकाल के पूरा होने के बाद समाप्त हो गई है। हालांकि, वह एमबीजेडओ-1 में कोयला ब्लॉक मामले की जांच की निगरानी करना जारी रखेंगे। सत्यब्रत कुमार लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में मौजूद हैं जहां नीरव मोदी की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है। भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के मामले में भी वह जांच अधिकारी थे।
नीरव मोदी के खिलाफ अतिरिक्त सबूत के साथ एक नई फाइल शुक्रवार को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश की गई थी। भारतीय अधिकारियों की ओर से क्राउन अभियोजन सेवा (सीपीएस) ने यह फाइल कोर्ट में प्रस्तुत की।
भारतीय अधिकारियों की ओर से अभियोजन का प्रतिनिधित्व करने वाले टोबी कैडमैन द्वारा फाइल जमा करने पर मुख्य न्यायाधीश एमा अर्बथनॉट ने कहा, 'यह एक बड़ी फाइल हैं जिसमें कुछ कागजात हैं।' बता दें कि अर्बथनॉट वही जज हैं जिन्होंने पिछले दिसंबर में किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व मालिक विजय माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश दिया था।
बता दें कि भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की पहली जमानत याचिका को जिला जज मैरी मैलन ने रद्द कर दिया था। नीरव को स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस मे केंद्रीय लंदन की एक बैंक से गिरफ्तार किया था जहां वह नया बैंक खाता खुलवाने की कोशिश कर रहा था।
बता दें कि पीएनबी को 13,500 करोड़ रुपये का चूना लगाकर विदेश भागे हीरा कारोबारी नीरव मोदी को लंदन के होलबोर्न से 19 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के दो दिन पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के प्रत्यर्पण अनुरोध पर लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।