इंग्लैंड के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में गुरुवार को भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी की वीडियो लिंक के जरिए पेशी हुई। मामले की सुनवाई करते हुए जज नीना टेम्पिया ने नीरव मोदी को 11 नवंबर तक के लिए हिरासत बढ़ा दी है।
करीब 13 हजार करोड़ (दो अरब डॉलर) के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी और धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के आरोप में नीरव मोदी को भारत को प्रत्यर्पित किए जाने के मामले के संबंध में यह सुनवाई चल रही है।
कोर्ट ने कहा है कि मोदी का प्रत्यर्पण अगले साल 11 से 15 मई के बीच निर्धारित किया गया है और मुकदमे में अगले साल फरवरी में केस मैनेजमेंट सुनवाई शुरू किए जाने तक उसे पेशी के लिए बुलाए जाने पर हर 28 दिन पर नियमित रूप से पेश होना होगा।
सितंबर में लंदन में मजिस्ट्रेट अदालत में हुई पिछली कॉल-ओवर सुनवाई में न्यायाधीश डेविड रॉबिनसन ने नीरव मोदी से कहा था कि उसकी दलीलों कुछ भी ठोस नहीं है जिसे सुना जाए।
ब्रिटेन के कानून के तहत प्रत्यर्पण मुकदमा लंबित रहने तक हर 28 दिन में ऐसी सुनवाई करना जरूरी है। मार्च में गिरफ्तार होने के बाद से नीरव मोदी दक्षिण-पश्चिम लंदन के वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। यह इंग्लैंड की भीड़भाड़ वाली जेलों में से एक है, जहां क्षमता से बहुत ज्यादा कैदी बंद हैं।