इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के नौ और सदस्यों को पाकिस्तान सेना अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने के लिए बुधवार को गिरफ्तार किया गया और पाकिस्तानी सेना को सौंप दिया गया। इन नेताओं को सैन्य प्रतिष्ठानों और सरकारी भवनों पर नौ मई को हुए हमलों में उनकी कथित भूमिका के लिए पकड़ा है।
इन गिरफ्तारियों के साथ, आर्मी एक्ट और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत मुकदमा चलाने वाले पीटीआई कार्यकर्ताओं की कुल संख्या 50 से अधिक हो गई है। एक अदालत के अधिकारी ने कहा कि आतंकवाद विरोधी अदालतों के आदेश पर, पीटीआई से जुड़े नौ संदिग्ध और आईएसआई इमारतों (फैसलाबाद शहर में) पर हमले में शामिल थे और मुल्तान छावनी में सैन्य प्रतिष्ठानों को बुधवार को सेना के तहत उनके मुकदमे के लिए पाकिस्तानी सेना को सौंप दिया।
9 मई को भ्रष्टाचार के मामले में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय परिसर से पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान को गिरफ्तार करने के बाद हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। इस दौरान पीटीआई पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इमरान खान की गिरफ्तारी के जवाब में लाहौर कॉर्प्स कमांडर हाउस, मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई भवन सहित एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की।
भीड़ ने पहली बार रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) पर भी धावा बोल दिया। हिंसा के बाद खान के हजारों समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया गया था और पीएम शहबाज शरीफ ने इस दिन को काला दिन कहा था।
9 मई के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद शुरू की गई कार्रवाई ने पीटीआई को एक गहरे अस्तित्व के संकट में डाल दिया है, जिसमें पार्टी के दर्जनों प्रमुख नेता रोजाना पार्टी छोड़ रहे हैं। इमरान खान की पार्टी छोड़ने वाले प्रमुख नेताओं में महासचिव असद उमर, वरिष्ठ नेता फवाद चौधरी और पूर्व मंत्री शिरीन मजारी शामिल हैं।
पूर्व क्रिकेटर से राजनेता बने खान को पिछले साल अप्रैल में अपने नेतृत्व में अविश्वास मत हारने के बाद सत्ता से बेदखल कर दिया गया था, जिसका उन्होंने आरोप लगाया था कि वह अमेरिका के नेतृत्व वाली साजिश का हिस्सा थे।
कुरैशी को मनाने अदियाला जेल पहुंचे पीटीआई के पूर्व नेता
पीटीआई के पूर्व नेताओं ने बुधवार को अदियाला जेल में पार्टी के उपाध्यक्ष शाह महमूद कुरैशी से मुलाकात की और उन्हें अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान से अलग होने के लिए मनाने की कोशिश की। जियो टीवी ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि फवाद चौधरी, इमरान इस्माइल, महमूद मौलवी और आमिर कियानी सहित खान की पार्टी के पूर्व नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने जेल में कुरैशी से मुलाकात की और उन्हें खान से अलग होने के लिए मनाने की कोशिश की।
चैनल ने कहा कि सूत्रों ने दावा किया कि यह मुलाकात पीटीआई के पूर्व नेताओं द्वारा कुरैशी को अपनी वफादारी बदलने और उनके साथ शामिल होने के लिए मनाने का एक प्रयास था। कुरैशी, खान की सरकार में 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के विदेश मंत्री रहे। वह नौ मई को खान की गिरफ्तारी के बाद हिंसक प्रदर्शनों के बाद गिरफ्तार किए गए पीटीआई के शीर्ष नेताओं में शामिल थे। कुरैशी के साथ मुलाकात के बाद जेल के बाहर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान के नेतृत्व वाले बहुदलीय सत्तारूढ़ गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के दलों की दया पर 25 करोड़ लोगों को नहीं छोड़ा जा सकता।