मेनिनजाइटिस संक्रमण में मरीज को तेज बुखार, पीठ में दर्द, गर्दन में जकड़न, जुकाम, उल्टी की समस्या होती है। बहुत गंभीर स्थिति में मरीज बेहोश भी हो सकता है।
अफ्रीकी देश नाइजीरिया एक ऐसी वैक्सीन बना रहा है, जिसकी मदद से मेनिजाइटिस नामक बीमारी से बचाव हो सकता है। यह वैक्सीन लोगों को मेनिनजाइटिस बैक्टीरिया के पांच स्ट्रेन से बचाव करेगी। जानिए क्यों है ये वैक्सीन अहम और इसका क्या असर होगा।
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क्या है मेनिनजाइटिस
मेनिनजाइटिस एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जिसमें इंसानी मस्तिष्क और स्पाइन कोर्ड के आसपास के ऊतकों में संक्रमण होता है। इससे दिमाग में सूजन की समस्या हो सकती है। यह संक्रमण खतरनाक होता है और इससे मरीज की मौत भी हो जाती है। यह इतना खतरनाक है कि हर पांच संक्रमितों में से एक की मौत हो जाती है। मेनिनजाइटिस मुख्यतः जिन बैक्टीरिया से होता है, उनमें नीजेरिया मेनिनजाइटिस, हीमोफीलस इंफ्लुएंजा और स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिया प्रमुख हैं। मेनिनजाइटिस संक्रमण में मरीज को तेज बुखार, पीठ में दर्द, गर्दन में जकड़न, जुकाम, उल्टी की समस्या होती है। बहुत गंभीर स्थिति में मरीज बेहोश भी हो सकता है।
संक्रमित व्यक्ति के छींकने, खांसने से यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को फैलती है। ज्यादा भीड़भाड़ वाले इलाकों में इस बीमारी के होने की ज्यादा आशंका रहती है। 2-10 दिनों में इस संक्रमण के लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं। उप-सहारा के अफ्रीकी देशों में इस बीमारी का ज्यादा प्रकोप है। जिनमें नाइजीरिया भी शामिल है। बता दें कि एक अक्तूबर 2022 से लेकर 16 अप्रैल 2023 के बीच नाइजीरिया में मेनिनजाइटिस के 1686 संदिग्ध मरीज पाए गए थे। इनमें से 124 की मौत हो गई थी। सबसे ज्यादा 1-15 साल के बच्चों में यह बीमारी ज्यादा हुई।
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वैक्सीन से अफ्रीका में स्वास्थ्य स्तर पर होगा बड़ा बदलाव
कुपोषण, ज्यादा भीड़भाड़ वाले इलाके, बारिश की कमी, अधिक तापमान वाली जगह होने की वजह से नाइजीरिया में मेनिनजाइटिस का खतरा ज्यादा रहता है। अफ्रीका में मेनिनजाइटिस के पांच स्ट्रेन पाए जाते हैं, जिनमें ए, सी, डब्लू, एक्स और वाई शामिल हैं। अब नई वैक्सीन से मेनिनजाइटिस के पांचों स्ट्रेन के संक्रमण पर लगाम लगाई जा सकेगी और पूरे अफ्रीका में इसका व्यापक असर होगा।