अमेरिका में 'सदी के जबर्दस्त बर्फीले तूफान और शीत लहर के असर से विश्व का सबसे ऊंचा नियाग्रा फॉल भी जम गया। इस पर बर्फ की चादर बिछ गई। यह 'विंटर वंडरलैंड' के रूप में सामने आया है।
बर्फ से जमे नियाग्रा फॉल की तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल हो रही है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें आंशिक रूप से जमे नियाग्रा फॉल की तस्वीरें हैं। न्यू यॉर्क पोस्ट के अनुसार विश्व का सबसे प्रसिद्ध यह जल प्रपात आंशिक रूप से जम गया है, हालांकि, इसके साथ ही बहता पानी भी नजर आ रहा है, इससे साबित होता है कि यह झरना कभी पूरी तरह से नहीं जमता।
नियाग्रा फॉल अमेरिका के न्यूयॉर्क और कनाडा के आंटोरिया के सीमावर्ती इलाके में स्थित है। बर्फीले तूफान का सबसे ज्यादा बुरा असर न्यूयॉर्क पर ही पड़ा है। न्यूयॉर्क में अब तक 28 लोगों मारे जा चुके हैं। पारा शून्य से नीचे जाने के कारण नियाग्रा फॉल में पानी की चादर बर्फ में बदल गई है। कड़ाके की ठंड में भी पर्यटक फॉल को निहारने पहुंच रहे हैं। वे वहां से तस्वीरें व वीडियो साझा कर रहे हैं।
क्रिसमस सप्ताहांत में पश्चिमी न्यूयॉर्क में बर्फीले तूफान ने कहर ढा दिया था। इसे अधिकारियों ने सदी का बर्फीला तूफान करार दिया था। इस तूफान के कारण अमेरिका कई दिनों तक जकड़ा रहा। देश के अनेक हिस्सों में भारी बिजली कटौती, हवाई व सड़क यातायात बाधित होने जैसी अनेक समस्याओं से लाखों लोगों को जूझना पड़ा। इसके कारण हुए हादसों में 60 से ज्यादा मौतें हो गईं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नियाग्रा फॉल से हर सेकंड 3160 टन पानी का प्रवाह होता है। नौ साल पहले 2013 में झरने का उड़ता पानी भी बर्फ में बदलता जा रहा था। तब वहां का तापमान शून्य से 12 डिग्री नीचे पहुंच गया था।
20 करोड़ लोग प्रभावित हुए
अमेरिका में बर्फीले चक्रवाती तूफान ''बम'' के चलते अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बर्फीले तूफान ने यहां भारी तबाही मचाई है। क्रिसमस के दौरान आए बर्फीले तूफान से देश के करीब 20 करोड़ लोग बुरी तरह प्रभावित हैं। न्यूयॉर्क और मोटाना जैसे शहरों में तापमान माइनस 45 डिग्री तक पहुंच गया। अमेरिका के साथ दुनिया में कई जगह बर्फीली हवाओं और तूफान के चलते जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।