राजपक्षे पर उनकी देखरेख में नागरिकों और विद्रोही तमिलों को यातना देने, उनकी हत्या करने और बाद में राजनीतिक हत्याओं को अंजाम देने के आरोप हैं। लिट्टे के के निशाने पर रहे राजपक्षे साल 2006 में इस संगठन के आत्मघाती हमले में बाल-बाल बचे थे। चुनाव से पहले विपक्षी यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) के आरोप के बाद उन्होंने अमेरिका की दोहरी नागरिकता छोड़ दी थी।
प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार में जन्म
राजपक्षे का जन्म 20 जून, 1949 को श्रीलंका के एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार में हुआ था। वह 9 भाई बहनों में पांचवें स्थान पर हैं। उनके पिता डीए राजपक्षे 1960 के दशक में विजयानंद दहानायके की सरकार में प्रमुख नेता थे और श्रीलंका फ्रीडम पार्टी के संस्थापक सदस्य थे। राजपक्षे ने अपनी स्कूली पढ़ाई कोलंबो में पूरी की।
वह 1971 में श्रीलंका की सेना में अधिकारी कैडेट के रूप में शामिल हुए। 1991 में वह सर जॉन कोटेलवाला रक्षा अकादमी के उप कमांडेंट नियुक्त किए और 1992 में सेना से सेवानिवृत्त होने तक इस पद पर बने रहे। वह 2005 में अपने भाई महिंदा राजपक्षे के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में मदद के लिए स्वदेश लौटे और श्रीलंका की दोहरी नागरिकता ली।