हमले के दोषी टैरेंट को पहली बार जब पुलिस ने कोर्ट में पेश किया तो वह पूरे समय मुस्कुरा रहा था। कुछ देर बाद मीडिया के सामने भी उसे हंसते हुए देखा गया। टैरेंट आतंकी बनने से पहले एक फिटनेस इंस्ट्रक्टर था। कोर्ट में उसने खुद को फासिस्ट बताया और जमानत के लिए आग्रह भी नहीं किया था।
फैसले से पीड़ित परिवारों को राहत
दोषी करार दिए गए टैरेंट के मामले पर जून में सुनवाई होनी थी, परंतु कोर्ट ने चार हफ्ते के लॉकडाउन के बावजूद तुरंत सुनवाई का फैसला लिया। इसमें टैरेंट को जेल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। टैरेंट को दोषी करार दिए जाने से पीड़ित परिवारों ने खुशी जताई है।