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US: न्यूयॉर्क मेयर ममदानी ने किंग चार्ल्स के स्वागत के दौरान की अशिष्टता, हो रही आलोचना

Sat, 02 May 2026 04:35 AM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क

सार

न्यूयॉर्क सिटी के मेयर और भारतवंशी जोहरान ममदानी ब्रिटिश सम्राट किंग चार्ल्स तृतीय के स्वागत के दौरान विवादों में घिर गए। कोहिनूर हीरा भारत लौटाने की मांग और कथित ठंडे प्रोटोकॉल को लेकर उनकी आलोचना हो रही है। 
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किंग चार्ल्स तृतीय और जोहरान ममदानी - फोटो : ANI
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विस्तार
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अमेरिकी न्यूयॉर्क सिटी के मेयर और भारतवंशी जोहरान ममदानी को किंग चार्ल्स तृतीय का स्वागत करने के दौरान अशिष्ट व्यवहार करने व कोहिनूर हीरा लौटाने का आग्रह करते समय उपनिवेशवाद के मुद्दे को त्यागने में विफल रहने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। मैनहट्टन में 9/11 स्मारक पर बुधवार को महाराजा चार्ल्स तृतीय और महारानी कैमिला से मिलने से कुछ घंटे पहले ममदानी ने कहा था कि वह ब्रिटिश सम्राट से कोहिनूर हीरा (भारत को) लौटाने के लिए कहेंगे।
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किंग चार्ल्स न्यूयॉर्क में ‘वर्ल्ड ट्रेड सेंटर’ स्मारक पर न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल और न्यू जर्सी की गवर्नर मिकी शेरिल सहित कई अन्य निर्वाचित पदाधिकारियों के साथ पुष्पांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 11 सितंबर के भयावह आतंकवादी हमलों में मारे गए 3,000 से अधिक न्यूयॉर्कवासियों को श्रद्धांजलि देना रहा। ‘द न्यूयॉर्क पोस्ट’ के संपादकीय बोर्ड ने ममदानी द्वारा महाराजा चार्ल्स के अशिष्ट स्वागत की निंदा की। इसमें कहा गया कि ममदानी इंग्लैंड के महाराजा का ठीक से स्वागत नहीं कर सके। इसके लिए परिपक्वता, शालीनता और विनम्रता की जरूरत होती, जो हमारे मेयर में बिल्कुल नहीं दिखाई दी। 

किंग के स्वागत के बहुत कम प्रयास
न्यूयॉर्क पोस्ट के संपादकीय में कहा गया कि बुधवार को चार्ल्स तृतीय ने न्यूयॉर्क का दौरा किया, तो उनका स्वागत करने के लिए ममदानी ने बहुत कम प्रयास किए। इसमें कहा गया कि मेयर 9/11 स्मारक पर सम्राट के साथ केवल एक संक्षिप्त बैठक के लिए देर से सहमत हुए, जबकि शाही परिवार ने शहर में कई स्थलों का दौरा किया। पूर्व में भी न्यूयॉर्क के मेयरों ने ब्रिटिश शाही परिवार का गर्मजोशी से स्वागत किया गया था लेकिन ममदानी ने ऐसा कुछ नहीं किया।
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ब्रिटिश सम्राट अब अमेरिकी दौरा पूरा करके अपने देश (ब्रिटेन) के लिए लौट चुके हैं। उनके सम्मान में राष्ट्रपति ट्रंप ने कोई कमी नहीं छोड़ी।

उपनिवेशवाद विरोधी जुनून दरकिनार नहीं
किंग चार्ल्स को अतीत में दिए गए प्रोटोकॉल जैसा कुछ भी करने की ममदानी ने जहमत नहीं उठाई। वह उपनिवेशवाद के खिलाफ अपने जुनून को भी दरकिनार नहीं कर सके और चार्ल्स से मुलाकात के पहले पत्रकारों से कह बैठे कि उन्हें उम्मीद है, वह यदि अलग से महाराजा चार्ल्स तृतीय से मिले तो ‘कोहिनूर’ हीरा (भारत को) लौटाने पर जोर देंगे। यह हीरा मूल रूप से भारत का 105 कैरेट का रत्न है और अब लंदन में प्रदर्शित है। भारत भी इसकी वापसी में लगा है।
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