भारत-अमेरिका व्यावसायिक परिषद (यूएसआईबीसी) की अध्यक्ष निशा देसाई बिस्वाल ने कहा है कि भारत-अमेरिकी रिश्ते लगातार ‘मजबूत और जोशपूर्ण’ बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाला नया साल 2021 इस भागीदारी को और व्यापक तथा गहरा बनाने का महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराएगा। बता दें कि ओबामा कार्यकाल में बिस्वाल दक्षिण-मध्य एशिया क्षेत्र की राजनयिक रह चुकी हैं।
बिस्वाल ने उम्मीद जताई कि अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के कामकाज संभालने पर भारत-अमेरिका लघु व्यापार समझौता उनके एजेंडा में सबसे शीर्ष पर होगा।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक मतभेदों को दूर करने के लिये एक समझौते पर बातचीत चल रही है लेकिन राष्ट्रपति चुनाव होने के कारण पिछले महीनों में इसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।
यूएसआईबीसी की अध्यक्ष बिस्वाल ने कहा, भारत-अमेरिका के बीच 2020 की शुरुआत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के साथ हुई थी। उन्होंने कहा चाहे रक्षा क्षेत्र के संबंध हों अथवा क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों को लेकर दोनों देशों में नजदीकी समन्वय की बात हो, भारत-अमेरिकी द्विपक्षीय रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं।
उन्होंने कहा, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत, अमेरिका, जापान व ऑस्ट्रेलिया (क्वाड समूह) को मजबूत बनाने पर भी रिश्तों में मजबूती आई है।
नए साल में कारोबारी गति की उम्मीद जताई
भारत-अमेरिका व्यावसायिक परिषद (यूएसआईबीसी) की अध्यक्ष निशा देसाई बिस्वाल ने कहा कि दुर्भाग्य से व्यापार के मोर्चे पर हम इस स्तर की प्रगति हासिल नहीं कर पाए हैं। दोनों देशों को इस क्षेत्र में नए साल में यह देखने की आवश्यकता होगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि 2021 इस मामले में दोनों देशों के बीच भागीदारी को अधिक व्यापक बनाने का महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराएगा। इससे कारोबारी गति हासिल होगी।
दोनों देशों के रिश्ते आगे बढ़ाने में रहा योगदान
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के दूसरे कार्यकाल के दौरान निशा देसाई बिस्वाल को अमेरिकी विदेश मंत्रालय में दक्षिण और मध्य एशिया क्षेत्र का जिम्मा सौंपा गया था। तब उन्होंने भारत अमेरिका संबंधों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनका मानना है कि बाइडन के लिए जलवायु परिवर्तन प्रमुख मुद्दा है और भारत-अमेरिका के बीच सहयोग का यह नया क्षेत्र हो सकता है।