रिपब्लिकन पार्टी के बहुमत वाली अमेरिकी संसद के उच्च सदन (सीनेट) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विरुद्ध महाभियोग मुकदमे के लिए नए गवाहों और दस्तावेजों को पेश करने वाले डेमोक्रेट पार्टी के प्रस्ताव को मामूली अंतर से खारिज कर दिया। इसके बाद उम्मीद बढ़ गई है कि सीनेट अगले सप्ताह की शुरुआत में ही राष्ट्रपति ट्रंप को उन पर लगे सभी आरोपों से बरी कर देगी।
बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ डेमोक्रेट सांसदों ने नए गवाहों को पेश करने की अनुमति मांगी थी ताकि पूर्व एनएसए बोल्टन की यूक्रेन की मदद रोकने के संबंध में गवाही कराई जा सके। लेकिन विपक्ष के इस प्रस्ताव पर रोक के लिए 51 मत पड़े जबकि पक्ष में 49 मत डाले गए। 100 सदस्यों वाली सीनेट में रिपब्लिकनों के पास 53 और डेमोक्रेटों के पास 47 सीटें हैं।
ऐसे में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर मिट रोमनी और सुसैन कोलिंस ने पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान किया और डेमोक्रेटों का पक्ष लिया। इन दोनों सीनेटरों के वोट बोल्टन की गवाही के पक्ष में गिरे। बता दें कि अमेरिकी संसद के निचले सदन (प्रतिनिधि सभा) में डेमोक्रेटों का बहुमत है इसलिए वहां से महाभियोग प्रस्ताव पास हो गया लेकिन सीनेट में इस प्रस्ताव के खारिज होने के बाद ट्रंप के खिलाफ महाभियोग पारित होने की संभावना खत्म हो गई है।
बोल्टन की गवाही को उत्सुक थे डेमोक्रेट
डेमोक्रेट पार्टी के सांसद पूर्व अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जॉन बोल्टन को सुनने के लिए उत्सुक थे, जिन्होंने अपनी आगामी पुस्तक में दावा किया है कि ट्रंप ने निजीतौर पर उनसे यूक्रेन को सैन्य मदद रोकने के लिए कहा था। ऐसा इसलिए ताकि यूक्रेन को ट्रंप के डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन की जांच करने के लिए बाध्य किया जा सके।