हशद-अल-साबी जिसे कि पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (पीएमएफ) के नाम से जाना जाता है उसने इस बाक से इनकार किया है कि काफिले में उसका वरिष्ठ कमांडर मौजूद था। हमले में मारे गए छह लोगों में डॉक्टर भी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। ताजी रोड जहां पर हमला हुआ उससे कुछ दूरी पर ही गैर अमेरिकी सेना का डेरा है। जिसमें ब्रिटिश और इतालवी सैनिक शामिल हैं।
पुलिस सूत्र के अनुसार हवाई हमले में हशद के एक काफिले को निशाना बनाया गया। जिसके कारण कुछ की मौत और कुछ लोग घायल हो गए हैं। पीएमएफ इराकी लड़ाकों का एक संगठन है। पीएमएफ इराक की सेना के तहत इराकी मिलिशियों का एक भाग है। इस हमले के साथ ही मध्य पूर्व में तनाव पहले के मुकाबले और भी बढ़ गया है।
ईरानी कमांडर जनरल सुलेमानी को ढेर कर चुका है अमेरिका
इससे पहले बगदाद हवाई अड्डे पर अमेरिकी सेना द्वारा किए गए मिसाइल हमले में ईरान के शीर्ष कमांडर सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले के बाद अमेरिका और ईरान में तनाव और बढ़ने के साथ इराक से भी अमेरिकी संबंधों में खटास आने की आशंका जताई गई थी।
इस हमले में अमेरिका ने कम से कम तीन कत्यूषा मिसाइल दागी थीं जिससे बगदाद हवाई अड्डे पर भीषण तबाही मच गई थी। हवाई अड्डे पर मौजूद ईरान और हिज्बुल्लाह की संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा था। हमले में कुद्स यूनिट के कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी।
सुलेमानी के मारे जाने पर भड़का ईरान
सुलेमानी के मारे जाने पर ईरान भड़क गया है और उसने अमेरिका को धमकी दी है। ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ का कहना है कि अमेरिका को इस दुस्साहस की भारी कीमत चुकानी होगी। ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ ने ट्वीट कर कहा, 'अमेरिका का जनरल सुलेमानी को निशाना बनाने और उनकी हत्या करने के अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद का कदम बहुत खतरनाक और मूर्खतापूर्ण है। उनका बल प्रभावी रूप से दाएश (आईएसआईएस), अल नुसराह, अल कायदा एट अल से लड़ता था। अमेरिका को अपने इस दुस्साहस की भारी कीमत चुकानी होगी।'