फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

New Start Treaty: रूस ने न्यू स्टार्ट संधि क्यों निलंबित की, अमेरिका पर क्या आरोप लगाए? जानें इस पूरे विवाद को

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Wed, 22 Feb 2023 06:29 PM IST

सार

तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके रूसी समकक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने प्राग में आठ अप्रैल 2010 को न्यू स्टार्ट संधि पर हस्ताक्षर किए थे। रूस के राष्ट्रपति ने अमेरिका के साथ संधि में रूस की भागीदारी को निलंबित करने की घोषणा की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रूस और अमेरिका - फोटो : AMAR UJALA
रूस-यूक्रेन युद्ध को शुरू हुए साल भर हो गए लेकिन अब भी इसके खत्म होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के साथ 'न्यू स्टार्ट' संधि में रूस की भागीदारी को निलंबित करने की बड़ी घोषणा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नाटो ने खुले तौर पर रूस के परमाणु केंद्रों पर हमला करने की मांग की। 
  
 राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए यह बातें कहीं। दो घंटे के इस भाषण में, पुतिन ने नई रणनीतिक शस्त्र न्यूनीकरण संधि में रूस की भागीदारी को निलंबित करने की घोषणा की। संधि को 'न्यू स्टार्ट' के रूप में जाना जाता है। 


इस दौरान पुतिन ने कहा, 'वो हमें रणनीतिक शिकस्त देना चाहते हैं और हमारे परमाणु केंद्रों पर दावा करना चाहते हैं। इस संबंध में, मुझे यह बताने के लिए मजबूर किया गया है कि रूस रणनीतिक आक्रामक हथियारों की संधि में अपनी भागीदारी को निलंबित कर रहा है।'
विज्ञापन

रूस और अमेरिका - फोटो : AMAR UJALA
रूस-यूक्रेन युद्ध को शुरू हुए साल भर हो गए लेकिन अब भी इसके खत्म होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के साथ 'न्यू स्टार्ट' संधि में रूस की भागीदारी को निलंबित करने की बड़ी घोषणा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नाटो ने खुले तौर पर रूस के परमाणु केंद्रों पर हमला करने की मांग की। 
  
 राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए यह बातें कहीं। दो घंटे के इस भाषण में, पुतिन ने नई रणनीतिक शस्त्र न्यूनीकरण संधि में रूस की भागीदारी को निलंबित करने की घोषणा की। संधि को 'न्यू स्टार्ट' के रूप में जाना जाता है। 

इस दौरान पुतिन ने कहा, 'वो हमें रणनीतिक शिकस्त देना चाहते हैं और हमारे परमाणु केंद्रों पर दावा करना चाहते हैं। इस संबंध में, मुझे यह बताने के लिए मजबूर किया गया है कि रूस रणनीतिक आक्रामक हथियारों की संधि में अपनी भागीदारी को निलंबित कर रहा है।'

तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके रूसी समकक्ष दिमित्री मेदवेदेव - फोटो : SOCIAL MEDIA
न्यू स्टार्ट संधि क्या है?
तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके रूसी समकक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने प्राग में आठ अप्रैल 2010 को न्यू स्टार्ट संधि पर हस्ताक्षर किए थे। यह दुनिया के दो सबसे बड़ी परमाणु शक्तियों के बीच चल रही अंतिम हथियार संधि है। संधि अमेरिका और रूसी परमाणु भंडार के आकार को सीमित करती है। बता दें, दुनिया के 90 फीसदी परमाणु हथियार इन्हीं दो देशों के पास हैं। 

यह संधि 2011 में लागू हुई और जो बाइडन के पदभार ग्रहण करने के बाद 2021 में पांच और वर्षों के लिए बढ़ा दी गई। समझौते के तहत, रूस और अमेरिका 1,550 से अधिक सामरिक परमाणु हथियार और अधिकतम 700 लंबी दूरी की मिसाइलों और हमलावरों को तैनात करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रत्येक देश हर साल रणनीतिक परमाणु हथियार केंद्रों के 18 निरीक्षण कर सकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दूसरे पक्ष ने संधि की सीमा का उल्लंघन नहीं किया है।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। - फोटो : ANI
संधि से रूस के निलंबन के मायने क्या हैं?
पुतिन ने मंगलवार को रक्षा मंत्रालय और देश की परमाणु एजेंसी रोसाटॉम को परमाणु हथियारों के परीक्षण के लिए तैयार रहने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका परमाणु हथियार परीक्षण फिर से शुरू करता है तो रूस को भी इसके लिए तैयार रहना चाहिए। हालांकि, विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह संधि के प्रतिबंधों का पालन करना जारी रखेगा। संधि के निलंबन का मतलब यह हो सकता है कि अमेरिका शर्तों के अनुपालन की निगरानी न कर पाए।

रूस ने पहले ही परमाणु हथियार केंद्रों के आपसी निरीक्षण और द्विपक्षीय सलाहकार आयोग में भागीदारी को निलंबित कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पुतिन इससे आगे बढ़ते हैं और परमाणु हथियारों की आवाजाही और अन्य संबंधित घटनाक्रमों पर नियमित रिपोर्टिंग और आंकड़े साझा करना बंद कर देते हैं तो यह एक गंभीर झटका होगा।

सेंटर फॉर आर्म्स कंट्रोल एंड नॉन-प्रोलिफेरेशन के वरिष्ठ नीति निदेशक जॉन एराथ ने एक साक्षात्कार में कहा कि यह कदम पूरी तरह से दिखावटी है। संयुक्त राष्ट्र के निरस्त्रीकरण अनुसंधान संस्थान में एक वरिष्ठ शोधकर्ता एंड्री बाक्लिट्सकी ने कहा कि निलंबन एक बड़ी बात थी लेकिन यह वापसी के बराबर नहीं है।

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन - फोटो : Agency
अमेरिका सहित वैश्विक नेताओं ने क्या प्रतिक्रिया दी?
रूस के संधि से हटने के बाद अमेरिका ने भी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि संधि को निलंबित करने का निर्णय बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और गैर जिम्मेदाराना था। हालांकि, ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका इस मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है।

 नाटो प्रमुख जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने भी पुतिन के कदम की आलोचना की और कहा कि यूरोप में पूरे हथियार नियंत्रण ढांचे को खत्म कर दिया गया है। यूएन इंस्टीट्यूट फॉर डिसआर्मामेंट रिसर्च के एक वरिष्ठ शोधकर्ता पावेल पोडविग ने इसे 'उत्साही कदम' करार दिया है। उन्होंने ट्वीट किया कि परिस्थितियों को देखते हुए, यह और भी बुरा हो सकता था।

व्लादिमीर पुतिन के साथ जो बाइडन - फोटो : Agency (File Photo)
न्यू स्टार्ट पर विवाद क्या था?
न्यू स्टार्ट के तहत प्रावधानों में से एक अमेरिकी और रूसी दोनों निरीक्षकों को यह सुनिश्चित करने की अनुमति देता है कि दोनों पक्ष संधि का अनुपालन कर रहे हैं। 2020 में, निरीक्षणों को कोरोना महामारी के कारण निलंबित कर दिया गया था। दो साल बाद, निरीक्षण दोबारा शुरू करने के लिए बातचीत यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच हुई थी। नवंबर में, जब इसके लिए काहिरा में बातचीत होने की उम्मीद थी, रूस ने इसे टालने का फैसला किया। 

हालांकि इससे पहले ही रूस ने अगस्त 2022 में घोषणा कर दी कि वह अपने सैन्य स्थलों के अमेरिकी निरीक्षण को निलंबित कर रहा है। इसके पीछे दावा किया गया कि अमेरिका उसके केंद्रों के दौरे में बाधा डाल रहा है। हालांकि, इस आरोप को अमेरिका ने खारिज कर दिया।

बाद में, जनवरी-फरवरी में, अमेरिका ने दावा किया कि रूस अपने क्षेत्र में निरीक्षकों को अनुमति देने से इनकार करके संधि की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है। एक साल पहले शुरू हुए यूक्रेन-रूस युद्ध ने संधि को एक बड़ा झटका दिया। पुतिन ने परमाणु हथियारों का उपयोग करने के लिए बार-बार चेतावनी दी। उधर अमेरिका यूक्रेन को हथियार देने और रूस को उसकी कार्रवाई के लिए प्रतिबंध लगाने में अग्रणी रहा। जानकारों के मुताबिक, रूस-यूक्रेन युद्ध में अमेरिका और रूस के अलग-अलग पक्ष से इस संधि में कड़वाहट बढ़ी जो निलंबन तक आ गई।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next