फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US: पोलैंड के नए राष्ट्रपति का अमेरिका दौरा, रूस के खतरे को देखते हुए दोनों देशों में हो सकता है अहम करार

Wed, 03 Sep 2025 12:22 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

रूस और उसका सहयोगी बेलारूस इस महीने बेलारूस में संयुक्त सैन्य अभ्यास करने वाले हैं, जिससे पोलैंड के साथ-साथ नाटो के अन्य सदस्य देश लातविया और लिथुआनिया भी बेचैन हैं।
विज्ञापन
अपनी पत्नी के साथ पोलैंड के राष्ट्रपति करोल नवरोकी (फाइल) - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पोलैंड के नए राष्ट्रपति करोल नवरोकी बुधवार को व्हाइट हाउस का दौरा करेंगे। नवरोकी के दौरे से पोलैंड और अमेरिका के रिश्तों में मजबूती आ सकती है। साथ ही पोलैंड में अमेरिका की सैन्य तैनाती बढ़ाने पर भी बातचीत हो सकती है। करोल नवरोकी ने बीते महीने ही पोलैंड के राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभाली है और यह उनकी पहली विदेश यात्रा है। नवरोकी, ट्रंप समर्थक हैं और पोलैंड के चुनाव में राष्ट्रपति ट्रंप ने भी खुलकर नवरोकी का समर्थन किया था। 
विज्ञापन


अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच संघर्षविराम कराने का वादा किया था, लेकिन कई कोशिशों के बाद भी ट्रंप ऐसा नहीं कर सके हैं। बीते दिनों ट्रंप ने अलास्का में रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी। जिसके बाद जल्द संघर्षविराम की उम्मीद बंधी थी। ट्रंप ने जल्द ही रूस-यूक्रेन और अमेरिका के बीच संयुक्त बैठक कराने की बात कही थी, लेकिन अलास्का बैठक के बाद पुतिन इस मुलाकात में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। इससे ट्रंप कहीं न कहीं निराश हैं। 

पोलैंड क्यों है अहम?
पोलैंड भौगोलिक तौर पर पूर्वी यूरोपीय देश है, जिसकी सीमा बेलारूस और यूक्रेन से लगती हैं। पोलैंड यूरोपीय संघ और नाटो का सदस्य है और यूक्रेन, माल्दोवा आदि देशों को भी नाटो में शामिल करने का समर्थक है। यही वजह है कि अमेरिका और रूस दोनों महाशक्तियों की पोलैंड में रुचि होती है। रूस के यूक्रेन पर हमले का पोलैंड द्वारा विरोध किया जा रहा है और पोलैंड खुलकर यूक्रेन की मदद भी कर रहा है। हालांकि पोलैंड को डर है कि रूस, बेलारूस के साथ मिलकर उसकी संप्रभुता को नुकसान पहुंचा सकता है। रूस और उसका सहयोगी बेलारूस इस महीने बेलारूस में संयुक्त सैन्य अभ्यास करने वाले हैं, जिससे पोलैंड के साथ-साथ नाटो के अन्य सदस्य देश लातविया और लिथुआनिया भी बेचैन हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- China: 'हम किसी धमकी से नहीं डरते, चीन के उदय को कोई..', किम-पुतिन संग मंच साझा कर जिनपिंग की US को चेतावनी
विज्ञापन


नवरोकी की अमेरिका यात्रा पर निगाहें
ट्रंप प्रशासन के कुछ प्रमुख सलाहकारों ने अमेरिकी सैनिकों यूरोप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थानांतरित करने की वकालत की है, जहां चीन अमेरिका का सबसे बड़ा रणनीतिक और आर्थिक प्रतिद्वंद्वी बना हुआ है। ऐसे में पोलैंड को चिंता है कि अमेरिका अपने सैनिकों की तैनाती कम कर सकता है। अपने अमेरिका दौरे पर पोलैंड के नए राष्ट्रपति नवरोकी, ट्रंप को अमेरिकी सैनिकों की तैनाती न घटाने के लिए मनाने की कोशिश करेंगे। पोलैंड के चुनाव में ट्रंप ने नवरोकी का समर्थन किया था और वादा किया था कि अगर नवरोकी चुनाव जीते तो अमेरिका, पोलैंड के साथ अपने रक्षा संबंधों को और मजबूत करेगा। 


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें