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Pakistan Army Chief: पाकिस्तान के नए सेनाध्यक्ष के आगे लगा होगा चुनौतियों का अंबार

Tue, 22 Nov 2022 06:15 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

Pakistan Army Chief: एक स्वतंत्र पत्रकार ने यह खुलासा कर मौजूदा सेनाध्यक्ष पर बड़ा लांछन लगा दिया कि जनरल बाजवा के परिवार ने उनके सेनाध्यक्ष कार्यकाल के दौरान देश और विदेश में अरबों डॉलर की संपत्ति बनाई। फैक्स फोकस नाम की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट में पत्रकार अहमद नूरानी ने ये जानकारियां टैक्स दस्तावेजों के आधार पर दी...
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Pakistan Army Chief: कमर जावेद बाजवा - फोटो : ANI (File Photo)
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विस्तार
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पाकिस्तान में नए सेनाध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नए सेनाध्यक्ष 29 नवंबर को जनरल कमर जावेद बाजवा के रिटायर्ड होने के बाद यह पद संभालेंगे। लेकिन वे उस समय ये जिम्मेदारी संभालेंगे, जब ये पद गंभीर विवादों में फंसा हुआ है।

रविवार को एक स्वतंत्र पत्रकार ने यह खुलासा कर मौजूदा सेनाध्यक्ष पर बड़ा लांछन लगा दिया कि जनरल बाजवा के परिवार ने उनके सेनाध्यक्ष कार्यकाल के दौरान देश और विदेश में अरबों डॉलर की संपत्ति बनाई। फैक्स फोकस नाम की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट में पत्रकार अहमद नूरानी ने ये जानकारियां टैक्स दस्तावेजों के आधार पर दी। शहबाज शरीफ सरकार ने इन दस्तावेजों पर प्रामाणिकता पर सवाल नहीं उठाए हैं। इसके बदले उसने इस बात की जांच का आदेश दिया है कि गोपनीय दस्तावेज लीक कैसे हुए।

इसके पहले पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान लगातार परोक्ष रूप से जनरल बाजवा पर राजनीति में दखल देने के इल्जाम लगाते रहे हैं। इसी बीच जनरल बाजवा के परिवार की अकूत संपत्ति का मामला सामने आया है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक इन हालात ने सेनाध्यक्ष पद और सेना की साख को बहुत कलंकित कर दिया है। इसलिए नए सेनाध्यक्ष को सबसे पहले अपने पद और अपने संस्थान की खराब हुई छवि की समस्या से निपटना होगा।

अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में जनरल बाजवा ने इसे भी जाहिर कर दिया कि देश की विदेश नीति की कमान उन्होंने अपने हाथ में ले रखी है। अमेरिका की तरफ उनके झुकाव ने चीन के साथ पाकिस्तान के परंपरागत संबंधों को लेकर संदेह का माहौल बनाया। विश्लेषकों का आकलन है कि नए सेनाध्यक्ष को चीन और अमेरिका से पाकिस्तान के रक्षा संबंधों में संतुलन बनाने की कठिन चुनौती का सामना करना होगा।

हाल के वर्षों में चीन और पाकिस्तान की सेनाओं में करीबी रिश्ते बने हैं। इसका नजारा कुछ रोज पहले कराची में हुए 11वीं अंतरराष्ट्रीय रक्षा प्रदर्शनी और सेमिनार के दौरान भी देखने को मिला, जब सात चीनी कंपनियों ने अपने खास उन्नत हथियारों का प्रदर्शन किया। इस मौके पर चीन के एक सैन्य विशेषज्ञ ने कहा कि चीनी हथियारों से पाकिस्तान की रक्षा प्रणालियां मजबूत हुई हैं और दोनों देशों में रक्षा संबंध और मजबूत होंगे।

इस बीच चीन के प्रभाव को घटाने के लिए अमेरिका पाकिस्तान के साथ अपने पुराने रक्षा संबंधों को फिर से जिंदा करने की कोशिश में है। अमेरिका परंपरागत रूप से पाकिस्तान का संरक्षक था। लेकिन 11 सितंबर 2001 को अपने यहां हुए आतंकवादी हमलों के बाद उसने पाकिस्तान से संबंध घटा दिए। बाद में उसने पाकिस्तान को हथियार देना बंद कर दिया। लेकिन इस वर्ष सितंबर में उसने पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमानों को अपग्रेड करने के लिए 45 करोड़ डॉलर पैकेज मंजूर किया।

समझा जाता है कि जनरल बाजवा ने अमेरिका से संबंधों को पुनर्जीवित करने की पहल की थी। अब नए सेनाध्यक्ष के सामने यह चुनौती होगी कि वे क्या वे इस संबंध को उस सीमा तक ले जाते हैं, जिससे चीन के नाराज होने का खतरा हो। विश्लेषकों की राय है कि पाकिस्तान के चीन से आर्थिक और रक्षा संबंध इतने आगे बढ़ चुके हैं कि वह उसे नाराज करने का जोखिम नहीं उठा सकता। लेकिन अमेरिका को भी झटका देना आसान नहीं है। इसीलिए अनुमान है कि नए सेनाध्यक्ष को खांडे की धार पर चलना होगा।

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