मालदीव के नए राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग के साथ बातचीत के लिए सोमवार को पहली बार चीन जाएंगे। इसकी घोषणा शुक्रवार की गई है, एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि दोनों शीर्ष नेताओं के बीच बैठक रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेगी। साथ ही द्विपक्षीय रिश्ते नई ऊंचाई पर पहुंचेंगे। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने शुक्रवार को घोषणा की कि राष्ट्रपति शी के निमंत्रण पर मुइज्जू और प्रथम महिला साजिदा मोहम्मद 8 से 12 जनवरी तक चीन का दौरा करेंगे।
गौरतलब है कि मुइज्जू को चीन समर्थक राजनेता के रूप में देखा जाता है। उन्होंने सितंबर में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में भारत-मित्र इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को हराने के बाद मालदीव के आठवें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी।
क्या है इस दौरे का उद्देश्य
चीनी विदेश मंत्रालय के एक अन्य प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि राष्ट्रपति मुइज्जू के पदभार संभालने के बाद यह किसी विदेशी देश की पहली राजकीय यात्रा होगी। राष्ट्रपति शी राष्ट्रपति मुइज्जू के लिए एक स्वागत समारोह और स्वागत भोज की मेजबानी करेंगे। प्रवक्ता ने आगे बताया कि दोनों राष्ट्राध्यक्ष बातचीत करेंगे और सहयोग दस्तावेजों पर हस्ताक्षर समारोह में भाग लेंगे। उन्होंने विदेश मंत्रालय की नियमित ब्रीफिंग में बताया कि प्रधानमंत्री ली कियांग और नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति के अध्यक्ष झाओ लेजी राष्ट्रपति मुइज्जू से मुलाकात करेंगे।
बहुत पुराने समय से रही है मित्रता
वांग ने आगे बताया कि चीन और मालदीव की पुराने समय से मित्रता रही है। राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से पिछले 52 वर्षों में, दोनों देशों ने एक-दूसरे के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार किया है। इसके साथ ही एक-दूसरे के समर्थन सहित विभिन्न आकार के देशों के बीच समानता और पारस्परिक लाभ का एक अच्छा उदाहरण भी स्थापित किया है।
प्रवक्ता वांग ने बताया कि चीन और मालदीव के बीच संबंध गहरे हुए हैं। बेल्ट एंड रोड सहयोग तथा पारंपरिक मित्रता को मजबूत करने सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग के फलदायी परिणाम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि चीन और मालदीव के रिश्ते अब एक नए ऐतिहासिक शुरुआती बिंदु पर खड़े हैं। हमारा मानना है कि इस यात्रा के माध्यम से दोनों राष्ट्राध्यक्ष द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।