फ्रांस का ध्वज (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : पिक्साबे
दुनिया भर में छोटी उम्र के बच्चों से यौन संबंध बनाने को दंडनीय अपराध बताते हुए सख्त सजा की वकालत की जा रही है। इसी कड़ी में फ्रांस की संसद ने 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से दुष्कर्म को दंडनीय अपराध बताते हुए ऐतिहासिक कानून पारित किया है। इसके तहत अपराधी को 20 साल की सजा का प्रावधान है। यह कानून 18 साल से कम उम्र में यौन रिश्ते बनाने को भी दुष्कर्म ही मानता है।
फ्रांसीसी संसद में पारित यह कानून इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि देश में इससे पहले यौन रिश्तों को दुष्कर्म की श्रेणी में तभी रखा जाता था जब दूसरा व्यक्ति संबंध बनाने के लिए अपनी सहमति नहीं दे। अदालत का मानना था कि ऐसे में यह साबित नहीं किया जा सकता है कि उस व्यक्ति ने नाबालिग से जबरदस्ती की है या नहीं। कानून मंत्री एरिक डुपोंड-मोरेती नेशनल असेंबली को बताया कि अब कोई भी वयस्क आरोपित 15 साल से कम उम्र की नाबालिग से सहमति का दावा नहीं कर सकेगा। इस तरह अब छोटी बच्चियों से यौन अपराध करने वालों को आसानी से सजा मिल सकेगी। हालांकि कानून में यह प्रावधान भी है कि अगर संबंध बनाने वाले कम उम्र के बच्चों में उम्र का फासला बेहद कम है, तो उन्हें जेल नहीं भेजा जाएगा।
दो मामलों के बाद छिड़ी राष्ट्रव्यापी बहस
फ्रांस में दो ऐसे मामले सामने आए थे, जिनके कारण देश में दुष्कर्म की परिभाषा और उससे जुड़े कानून पर बहस छिड़ गई। एक मामले में 30 वर्षीय पुरुष के 11 साल की बच्ची से संबंध बनाने की बात सामने आई। अदालत में मामला पहुंचा तो कानून में कमी के चलते नवंबर 2017 में आरोपी को बरी कर दिया गया। अन्य मामले में फरवरी 2018 में 28 वर्षीय शख्स ने 11 साल की बच्ची से संबंध बनाए लेकिन वह भी कानून का सहारा लेकर बच गया।
सामाजिक स्तर पर काम जरूरी
फ्रांसीसी संसद द्वारा पास किए गए नए कानून का देश के सामाजिक कार्यकर्ता स्वागत कर रहे हैं। वहीं, यौन हिंसा का दर्द झेलने वाली पीड़िताओं ने भी संसद द्वारा पारित इस कानून का स्वागत किया है। वहीं, लोगों का कहना है कि बच्चों से होने वाले यौन अपराधों को रोकने के लिए सिर्फ कानून का बन जाना ही जरूरी नहीं है, बल्कि इसके लिए सामाजिक स्तर पर भी काम किए जाने की जरूरत है।