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US: मस्क से लेकर आरएफके जूनियर तक हो सकते हैं ट्रंप के सिपहसालार; जानें कैबिनेट के लिए किसके-किसके नाम पर मंथन

Sat, 09 Nov 2024 04:38 AM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

यह जानना अहम है कि आखिर ट्रंप की अगली सरकार का स्वरूप क्या हो सकता है? किन बड़े नेताओं के उनके कैबिनेट से जुड़ने की चर्चाएं हैं। आइये जानते हैं...

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आरएफके जूनियर, ट्रंप, एलन मस्क। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति की ट्रांजिशन टीम ने जनवरी में ट्रंप के व्हाइट हाउस में लौटने पर उनके प्रशासन में संभावित उम्मीदवारों को जांचना परखना शुरू कर दिया है। रॉबर्ट एफ. केनेडी जूनियर, प्रतिष्ठित केनेडी परिवार के सदस्य हैं। उनके भी ट्रंप की टीम में शामिल होने की पूरी संभावना है।

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वहीं भारतीय मूल के अमेरिकी उद्यमी और राजनेता विवेक रामास्वामी भी इस सूची में शामिल हैं। उन्होंने राष्ट्रपति पद की दौड़ में ट्रंप का समर्थन किया था। इनके अलावा भी ट्रंप के पास पुराने वफादारों सहित कई नए लोग उनकी सरकार में अहम पद पा सकते हैं। कैरोलाइन लेविट ट्रंप के चुनाव अभियान की राष्ट्रीय प्रेस सचिव हैं। उनका व्हाइट हाउस प्रेस सचिव बनना तय है।  
 

मस्क-ट्रंप बनाएंगे नया मंत्रालय
टेक अरबपति एलन मस्क इस साल की शुरूआत में ट्रंप के सबसे मजबूत समर्थक बनकर उभरे। मस्क और ट्रंप ने मिलकर एक नए सरकारी मंत्रालय डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (डोजे) प्रस्ताव रखा है।

 

माइकल आर पोम्पिओ हो सकते हैं रक्षा मंत्री
ट्रंप के पिछले प्रशासन में केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) के निदेशक और फिर विदेश मंत्री रह चुके माइकल पोम्पिओ मौजूदा प्रशासन में रक्षा मंत्री हो सकते हैं। वे इस्राइल समर्थक हैं। उन्होंने इस्राइल में अमेरिकी दूतावास को तेल अवीव से यरुशलम स्थानांतरित करने में बेहद अहम भूमिका निभाई।

 

रिचर्ड ग्रेनेल विदेश मंत्री पद के दावेदार
रिचर्ड ग्रेनेल ने ट्रंप के वफादार सहयोगी हैं। उन्हें विदेश मंत्री या राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के लिए दावेदार माना जाता है। यह एक ऐसा पद है जिसके लिए सीनेट की मंजूरी की जरूरत नहीं होती है।

 

ट्रंप की वापसी के साथ ही प्रवासियों की नागरिकता संबंधी बाइडन की नीतियां रद्द
 अमेरिका में रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप के जीतते ही एक संघीय जज ने बाइडन प्रशासन की उस नीति को रद्द कर दिया जिसका मकसद अमेरिकी नागरिकों से विवाह करने वाले गैर-दस्तावेज अप्रवासियों के लिए नागरिकता का मार्ग आसान बनाना था। इस फैसले का असर उन अप्रवासियों पर पड़ना तय है जो निर्धारित शर्तों का पालन करके अमेरिकी महिला या पुरुष से शादी करके अमेरिकी नागरिकता हासिल कर सकते थे। कार्यक्रम में अमेरिकी नागरिकों के गैर-दस्तावेजी जीवन साथियों और सौतेले बच्चों को देश छोड़े बिना ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने की अनुमति दी गई थी।  

 
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तस्करों का सहारा लेंगे प्रवासी
ट्रंप की जीत ने दुनिया भर में लाखों प्रवासी सकते में हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि अब प्रवासी अपनी योजनाएं फिर व्यवस्थित करेंगे और अधिक संख्या में तस्करों को काम पर रखने का सहारा लेंगे। वह संगठित अपराध समूहों का भी साथ लेंगे। ऐसे में वेनेजुएला, मैक्सिको, इक्वाडोर और सेनेगल से होकर रास्ता बनाने की संभावना बढ़ेगी।
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