शोधकर्ताओं के समूह में शामिल नीदरलैंड के इरास्मस यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के बास बी ऊद मुन्निक कहना है कि पहले यह इंसानों से ऊदबिलावों में फैला। वैज्ञानिकों के मुताबिक, अप्रैल में दो मिंक फार्म पर वायरस का संक्रमण पाया गया था। इसके बाद एक व्यापक निगरानी प्रणाली स्थापित की गई।
जानवरों से इंसानों में संक्रमण फैलने की पुष्टि
इसके बाद शोधकर्ताओं ने यहां कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आए 16 मिंक फार्म और वहां के कर्मचारियों की जांच की।शोधकर्ताओं ने पाया कि मिंक फार्म में रहने वाले लोगों, कर्मचारियों और उनके संपर्क में आने वाले 97 में से 66 लोग कोरोना संक्रमित मिले। इस दौरान पाया गया कि कुछ लोगों में पशुओं से वायरस संक्रमण फैला। हालांकि, फार्म के नजदीक रहने वालों पर इसका कोई असर नहीं दिखा।
वैज्ञानिकों ने कहा, इस अध्ययन से स्पष्ट होता है कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण इंसानों से जानवरों और जानवरों से इंसानों में आसानी से फैल सकता है। कोरोना संक्रमण के दोतरफा फैलने की पुष्टि हुई है। ऐसे में महामारी के विकराल रूप लेने की आशंका है।
सतर्कता से संक्रमण पर रोक संभव
वैज्ञानिकों ने कहा कि दुनिया भर में कोरोना वायरस की कई वैक्सीन पर परीक्षण चल रहा है, लेकिन अभी तक कोई कारगार वैक्सीन तैयारी नहीं हो पाई है। ऐसे में लोगों को जागरूक रहकर, मास्क पहना, सामाजिक दूरी बनाए रखना, बार—बार हाथों को साबुन से धोना और बेवजह बाहर न निकले जैसे कोरोना बचाव संबंधी नियमों का सख्ती से पालन कर संक्रमण के प्रसार को रोका जा सकता है।