इस्राइल-हिजबुल्ला संघर्ष विराम पर बढ़ी उम्मीद
- फोटो : ANI
अमेरिका की मध्यस्थता से इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच संघर्ष विराम की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होती दिख रही है, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इस्राइल और हिजबुल्ला दोनों ने हमले रोकने पर सहमति जताई है, वहीं दूसरी ओर इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि हिजबुल्ला उत्तरी इस्राइल पर हमले जारी रखता है तो इस्राइल बेरूत में सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
यह भी पढ़ें-
रूस का बड़ा फैसला: विमानन ईंधन के निर्यात पर लगाई रोक, 30 नवंबर तक लागू रहेगा प्रतिबंध
'हमले जारी रहे तो बेरूत पर करेगा इस्राइल वार'
नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने ट्रंप से बातचीत में साफ कर दिया है कि यदि हिजबुल्ला इस्राइली शहरों और नागरिकों पर हमले बंद नहीं करता तो इस्राइल बेरूत में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिणी लेबनान में इस्राइली सेना की कार्रवाई पहले से तय योजना के अनुसार जारी रहेगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या किया था दावा?
इससे पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बताया था कि उनकी नेतन्याहू और हिजबुल्ला के प्रतिनिधियों से अलग-अलग बातचीत हुई। उनके अनुसार, इस्राइली सेना बेरूत में प्रवेश नहीं करेगी और वहां की ओर बढ़ रही सैन्य टुकड़ियों को वापस लौटने का आदेश दिया गया है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि हिजबुल्ला ने भी गोलीबारी रोकने पर सहमति जताई है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमला नहीं करेंगे।
हिजबुल्ला को अमेरिकी प्रस्ताव स्वीकार
इसी बीच लेबनान के राष्ट्रपति कार्यालय ने भी पुष्टि की कि हिजबुल्ला ने अमेरिकी प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। प्रस्ताव के तहत बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर इस्राइली हमले रोके जाएंगे और बदले में हिजबुल्ला इस्राइल के खिलाफ सीमा पार हमले नहीं करेगा। योजना के अनुसार बाद में संघर्ष विराम को पूरे लेबनान तक विस्तारित किया जाएगा। इस दिशा में आगे की बातचीत मंगलवार और बुधवार को होने वाली है।
यह भी पढ़ें-
ब्राजील चुनाव में अमेरिकी दखल: लूला की कमजोर नस पर वार, राष्ट्रपति ट्रंप की चाल पर विशेषज्ञों ने उठाए सवाल
संघर्ष विराम के दावों के बावजूद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं
ट्रंप की घोषणा के कुछ समय बाद ही नेतन्याहू ने दोहराया कि यदि हिजबुल्ला की ओर से हमले जारी रहते हैं तो इस्राइल जवाबी कार्रवाई करेगा। इससे यह संकेत मिला कि जमीनी स्तर पर हालात अभी भी नाजुक बने हुए हैं। लेबनान में इस्राइली सैन्य अभियान जारी रहने और हिजबुल्ला की गतिविधियों को लेकर दोनों पक्षों के बीच अविश्वास बना हुआ है। ऐसे में अमेरिकी प्रयासों से संघर्ष विराम की राह तो खुलती दिख रही है, लेकिन क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित होने को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।