नेपाल में दोहरी और फर्जी नागरिकता लेने वालों पर शिकंजा कसता जा रहा है। कुछ माह पूर्व ही नवलपरासी में चार सौ लोगों की नेपाली नागरिकता रद्द हुई थी। इसके बाद नेपाल के गुप्तचर विभाग ऐसे लोगों का ब्योरा जुटा रही है। इसके तहत अब तक चार हजार लोगों को चिह्नित किया गया है।
संचार व सूचना विधिक मंत्रालय के प्रवक्ता गोकुल बास्कोटा के मुताबिक नेपाल और भारत सरकार ने आपसी सहयोग से गुप्तचर विभाग के अधिकारियों को ऐसे संदिग्ध लोगों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है जिन्होंने दोनों देशों की नागरिकता ली हों अथवा जिन्होंने फर्जी दस्तावेज के सहारे नागरिकता हासिल की हो।
नेपाल के तराई जिलों में इसकी जांच तेज कर दी गई है। इसके तहत नवलपरासी, नवलपुर, कपिलवस्तु व रूपन्देही जनपद में करीब चार हजार लोगों को चिह्नित कर सरकार को इसकी रिपोर्ट भेज दी गई है। 1997 की नागरिकता टोली में मिली अनियमितता के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने नवलपरासी में नेपाली नागरिकता देने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद एक मई को नवलपरासी के चार सौ नेपाली नागरिकों की नागरिकता रद्द कर दी गई।