इन जिलों में कर्फ्यू लागू
काठमांडू के मुख्य जिला अधिकारी छबीलाल रिजाल ने यह नोटिस जारी किया। इसमें कहा गया है कि कर्फ्यू के दौरान लोगों की आवाजाही, किसी भी प्रकार के जमावड़े, प्रदर्शन, धरना, बैठक और धरने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, एम्बुलेंस, दमकल, स्वास्थ्य कर्मियों, पर्यटकों, मीडिया कर्मियों और हवाई यात्रियों को ले जाने वाले वाहनों सहित आपातकालीन सेवाओं को सुरक्षा कर्मियों के समन्वय में संचालित करने की अनुमति होगी।
वहीं, निकटवर्ती भक्तपुर जिले के प्रशासन ने भी पेप्सीकोला, राधेराधे चौक, सल्लाघारी, दुवाकोट और चांगु नारायण मंदिर सहित कई इलाकों में सुबह 8:30 बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है। ऐसे ही ललितपुर महानगर के कुछ हिस्सों में भी प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
सुबह होते ही सड़कों पर उतरे छात्र
वहीं, कर्फ्यू के आदेशों के बावजूद, मंगलवार सुबह क्षेत्र के कई हिस्सों में छात्रों के नेतृत्व में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरू हो गए। काठमांडू के कलंकी और बानेश्वर के साथ-साथ ललितपुर जिले के चापागांव-थेचो इलाके से भी प्रदर्शन की खबरें आईं। इस दौरान, प्रदर्शनकारियों ने प्रतिबंधों की अवहेलना करते हुए 'छात्रों की हत्या मत करो' जैसे नारे भी लगाए। वहीं, कलंकी में प्रदर्शनकारी सुबह से ही उग्र दिखे। इस दौरान उन्होंने सड़कों को बंद करने के लिए टायर जलाए।
कर्फ्यू लागू होने से लोगों में भय
वहीं, कर्फ्यू लागू होने से लोगों में भय और घबराहट दोनों देखी गई। लोग जरूरी सामान खरीदने के लिए किराने की दुकानों और दवा की दुकानों पर उमड़ पड़े। राज्य के कई जिलों के ताजा हालात यह हैं कि सार्वजनिक परिवहन ठप हो गया है और शैक्षणिक संस्थान बंद हैं।
कल प्रदर्शन के दौरान 20 लोगों की हुई थी मौत
बीते दिन हुए विरोध प्रदर्शन में कम से कम 20 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। इतना ही नहीं 340 लोगों से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। सरकार के खिलाफ बड़े विरोध प्रदर्शन के बाद काठमांडू में कर्फ्यू लगा दिया गया है। काठमांडू में कल प्रदर्शनकारियों ने संसद गेट पर तोड़फोड़ की और प्रदर्शन हिंसक हो गया। लोगों ने कथित भ्रष्टाचार और फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके कारण पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं।