बालेन शाह, नेपाल, प्रधानमंत्री
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नेपाल के प्रधानमंत्री बालेनद्र शाह इस महीने के आखिर में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र को संबोधित करने के लिए अमेरिका का दौरा करेंगे। इस दौरान उनके जलवायु परिवर्तन का मुद्दा उठाने और विनाशकारी आई बाढ़ के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मुआवज की मांग कर सकते हैं।
दरअसल, 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के खिसकने से आई अचानक बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया, जिसमें 1,300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। वहीं, लगभग 4,900 लोग अभी भी लापता हैं।
क्या है कार्यक्रम?
संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, शाह 24 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र को संबोधित करने वाले हैं। 27 मार्च को पद संभालने के बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा होगी। संयुक्त राष्ट्र महासभा आयोजन समिति के अनुसार, उद्घाटन और अन्य सत्रों (जो 8 से 28 सितंबर तक चलेंगे) की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। वहीं, आम बहस 22 से 26 सितंबर तक होगी।
नेपाली प्रतिनिधिमंडल का करेंगे अगुवाई
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र महासभा में नेपाली प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई शाह करेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए नेपाल का रुख तय करने के लिए अलग-अलग स्तरों पर बातचीत और विचार-विमर्श चल रहा है। विदेश मंत्रालय अभी आने वाले दौरे की तैयारियों में व्यस्त है। अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय ने शाह के दौरे के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों पर नेपाल और विदेशों में विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों के साथ बातचीत की है।
मुआवजे की मांग कर सकते हैं?
संभावना है कि यूएनजीए में शाह के भाषण के दौरान नेपाल जलवायु परिवर्तन का मुद्दा उठाएगा। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मुआवजे की मांग करेगा। विदेश मंत्री शिशिर खनाल भी इस हाई-लेवल दौरे पर शाह के साथ जाएंगे।
कुछ दिन पहले, खनाल ने नेपाल में मौजूद राजनयिक मिशनों के प्रतिनिधियों के साथ 'क्लाइमेट जस्टिस' (जलवायु न्याय) के मुद्दे पर विस्तार से बातचीत की थी, जिसे नेपाल वैश्विक मंच पर उठाने की योजना बना रहा है। सरकार आपदा से हुए जान-माल के नुकसान का आकलन कर रही है। वित्त मंत्रालय और विदेश मंत्रालय मिलकर एक रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जिसमें नुकसान का तथ्यात्मक आकलन शामिल होगा।