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Nepal President Election: नेपाल में राष्ट्रपति चुनाव नौ मार्च को, 17 मार्च को कराया जाएगा उपराष्ट्रपति चुनाव

Mon, 30 Jan 2023 03:18 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू

सार

नेपाल के चुनाव आयोग ने सोमवार को जानकारी दी है कि हिमालयी राष्ट्र में 9 मार्च को राष्ट्रपति चुनाव होंगे। 17 मार्च को उपराष्ट्रपति चुनाव होंगे। 
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नेपाल चुनाव आयोग - फोटो : एजेंसी (फाइल)
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विस्तार
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नेपाल के चुनाव आयोग ने सोमवार को जानकारी दी है कि हिमालयी राष्ट्र में 9 मार्च को राष्ट्रपति चुनाव होंगे। 17 मार्च को उपराष्ट्रपति चुनाव होंगे। चुनाव आयुक्तों की बैठक में सोमवार को यह फैसला किया गया। नेपाल की मौजूदा राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी का कार्यकाल मार्च में खत्म हो रहा है। उनके कार्यकाल की समाप्ति से एक महीने पहले राष्ट्रपति चुनाव की परंपरा है। देश में अभी हाल ही में आम चुनाव हुए हैं। पुष्प कमल दहल नए प्रधानमंत्री बने हैं। 

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मुख्य चुनाव आयुक्त दिनेश कुमार थपलिया ने कहा कि चुनाव आयोग इस संबंध में आज लिए फैसले के आधार पर चुनाव कार्यक्रम प्रकाशित करेगा। चुनाव आयोग मुख्य सचिव के माध्यम से इस निर्णय के बारे में नेपाल सरकार, मंत्रिपरिषद को पत्र लिखेगा।

वर्तमान राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी का कार्यकाल 12 मार्च, 2023 को समाप्त हो रहा है। उनके उत्तराधिकारी का चुनाव चार दिन पहले किया जा रहा है। इस बीच, आयोग ने नंद बहादुर पुन का कार्यकाल खत्म होने से एक दिन पहले 17 मार्च को उपराष्ट्रपति चुनाव कराने का भी फैसला किया है।
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2015 के संविधान में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को एक निर्वाचक मंडल के माध्यम से चुनने का प्रावधान है जिसमें संघीय संसद के दोनों सदनों और सभी सात प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्य शामिल हैं। संघीय और प्रांतीय सांसदों के वोटों का वजन अलग-अलग है। भंडारी और पुन मार्च 2018 में शीर्ष राज्य पदों के लिए चुने गए थे।

नेपाल में एक अरब डॉलर का निवेश करेगा अमेरिका
अमेरिका ने नेपाल में एक बिलियन डॉलर का निवेश करने की योजना बनाई है। अमेरिका के विदेश विभाग में राजनीतिक मामलों की अवर सचिव विक्टोरिया नूलैंड ने सोमवार को नेपाल की अपनी यात्रा के दौरान यह घोषणा की। नेपाल में नई सरकार के गठन के बाद वह पहली अमेरिकी अधिकारी हैं, जिन्होंने हिमालयी देश का दौरा किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान निवेश योजनाओं की ओर इशारा करते हुए नूलैंड कहा, इस बार दोनों देश भविष्य के लिए अपनी सभी परियोजनाओं के बारे में एक साथ बात करने में सक्षम होने पर गर्व और खुशी महसूस कर रहे हैं। अमेरिका ने अगले पांच वर्षों में नेपाल में ग्रीन एनर्जी और विद्युतीकरण से लेकर हर क्षेत्र में एक बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश करने की योजना बनाई है। नेपाल के छोटे और मझोले उद्यमों के लिए विशेष रूप से महिलाओं के नेतृत्व वाले व्यवसायों में निवेश करने और उन्हें नेतृत्व प्रदान करने की योजना है।

नूलैंड रविवार को नेपाल पहुंची। इसके बाद उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल के साथ बैठक की। बाद में, नूलैंड ने विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा और नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी सीपीएन-यूएमएल के प्रमुख केपी शर्मा ओली के साथ बैठक की। नूलैंड ने नेपाल की विदेश मंत्री बिमला राय पौडेल से भी शिष्टाचार मुलाकात की। 

नूलैंड में मीडिया को बताया कि शीर्ष नेताओं के साथ बैठकों के दौरान हमने निश्चित रूप से स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में मिलेनियम चैलेंज कॉरपोरेशन (एमसीसी) परियोजना को अंतिम रूप देने के अगले कदमों के बारे में बात की।  हमने परिवर्तनीय न्याय प्रक्रिया (transitional justice process) को अंतिम रूप देने के लिए संसद में कानून प्रस्तुत करने की सरकार की योजना के बारे में बात की, उसके बाद कार्यान्वयन का समर्थन करने के लिए अमेरिका क्या कर सकता है, इस पर भी चर्चा हुई।

नेपाल के साथ हमारा संबंध पारदर्शी और खुला है...
दुनियाभर में क्षेत्रीय तनाव के संबंध में पूछे जाने पर अंडर-सेक्रेटरी नूलैंड ने कहा कि हम यहां नेपाल में जो कुछ भी करते हैं वह पारदर्शी है और सभी के लिए खुला है। उदाहरण के लिए, मिलेनियम कॉर्पोरेशन चैलेंज (MCC), इसके सभी पहलू MCC की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। जब हम नेपाल सरकार से बात करते हैं, तो हम कहते हैं कि अपने सभी पड़ोसियों के साथ साझेदारी करें, आर्थिक संबंध रखें। लेकिन जब आप ऐसा करते हैं तो सुनिश्चित करें कि आप अपनी संप्रभुता की रक्षा कर रहे हैं। जो डील करें वह नेपाल के लिए अच्छी हो और उनमें कोई भ्रष्टाचार नहीं हो और यह कि सब कुछ पारदर्शी और खुला है। इसलिए, हम अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध रखने के लिए नेपाल का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि वास्तव में, भारत के साथ हमारे बहुत मजबूत संबंध हैं। चीन के संबंध में आपने देखा है कि राष्ट्रपति जो बाइडन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग नवंबर में बैठक की थी और आने वाले हफ्तों में चीन के साथ हमारे और अधिक जुड़ाव होंगे। 

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