काठमांडो में 76वें लोकतंत्र दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कार्की ने युवाओं के आक्रोश और आगामी चुनावों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। कार्की ने चेतावनी दी कि यदि युवाओं के असंतोष को समय रहते दूर नहीं किया गया तो देश में एक और विद्रोह भड़क सकता है।
नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने चेतावनी दी कि यदि युवाओं के असंतोष को समय रहते दूर नहीं किया गया तो देश में एक और विद्रोह भड़क सकता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का अर्थ केवल वोट देना नहीं, बल्कि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी है।
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काठमांडो में 76वें लोकतंत्र दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कार्की ने युवाओं के आक्रोश और आगामी चुनावों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि 2007 की क्रांति ने नेपालियों को रैती (प्रजा) से नागरिक बनाया था। हालांकि, आज हमें खुद की समीक्षा करने की जरूरत है। उन्होंने सवाल उठाया कि लोकतंत्र की स्थापना के दशकों बाद भी नेपाल को बार-बार आंदोलनों का सामना क्यों करना पड़ रहा है। क्यों आज की नई पीढ़ी (जेन-जी) को सड़कों पर उतरना पड़ा।
निष्पक्ष चुनावों की प्रतिबद्धता
कार्की ने स्वीकार किया कि हमने संविधान में सुंदर शब्द तो लिखे लेकिन लोकतांत्रिक व्यवहार को संस्थागत नहीं कर पाए। प्रतिनिधि सभा के चुनावों का उल्लेख करते हुए कार्की ने देश को भरोसा दिलाया कि सरकार निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए पूरी ऊर्जा लगा रही है।
पूर्व राजा ने की चुनाव स्थगित करने की अपील
पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह ने नेपाल में जनता के बीच असंतोष का हवाला देते हुए चुनाव स्थगित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनता की असंतुष्टि के बीच इस समय चुनाव कराने से हालात और भी ज्यादा बिगड़ सकते हैं।