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नेपाल: PM ओली ने पूर्व राजा पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया, कहा- फिर से राजशाही लाना चाहते हैं ज्ञानेन्द्र

Mon, 31 Mar 2025 04:25 PM IST
राहुल कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू

सार

नेपाल के  पीएम ओली ने पूर्व राजा पर बैंक ऋण चुकाने से इनकार करने वाले व्यक्तियों के साथ मिलकर काम करने और अपनी महत्वाकांक्षाओं के लिए सामाजिक अशांति फैलाने का आरोप लगाया।
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नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली ने पूर्व राजा ज्ञानेन्द्र शाह देश में अशांति फैलाने और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने का आरोप लगाया लगाया है। प्रधानमंत्री ओली ने सोमवार को कहा कि पूर्व राजा ज्ञानेन्द्र शाह देश में सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने और समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। जिसके परिणामस्वरूप राजतंत्र समर्थक प्रदर्शनों में हिंसा भड़क गई।

पूर्व राजा पर सामाजिक अशांति फैलाने का आरोप

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प्रतिनिधि सभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री ओली ने आरोप लगाया कि पूर्व राजा शाह ने उन व्यक्तियों के साथ मिलकर काम किया है जिन्होंने बैंक ऋण चुकाने से इनकार किया। उनका कहना था कि शाह ने अपनी महत्वाकांक्षाओं के लिए सामाजिक अशांति फैलाने की कोशिश की, जिससे तिनकुने क्षेत्र में हिंसक घटनाएं हुईं।

हिंसक प्रदर्शनों में दो की मौत, 110 घायल
सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में एक टीवी कैमरामैन सहित दो लोगों की मौत हो गई, और 110 अन्य घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि नेपाल में हिंदू राजतंत्र की बहाली की जाए। हिंसक विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में अब तक 110 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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प्रधानमंत्री का हिंसक गतिविधियों की निंदापीएम ओली ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की और प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसपैठ की। उन्होंने आगे बताया कि प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और तेल निगम के डिपो में आग लगाने जैसी आतंकवादी गतिविधियां कीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन हिंसक गतिविधियों को राजनीतिक गतिविधियां नहीं माना जा सकता है और हिंसा में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

गृह मंत्रालय से विस्तृत रिपोर्ट की घोषणा
प्रधानमंत्री ओली ने यह भी कहा कि गृह मंत्रालय जल्द ही इस घटना की विस्तृत जानकारी संसद को देगा और पूरे मामले पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल की घटनाओं का विश्लेषण करना जरूरी है, और धर्म, संस्कृति और परंपरा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर लोगों की भावनाएं भड़काकर हिंसा को उकसाने की कोशिश की गई। ओली ने दावा किया कि पूर्व राजा ने अराजक तत्वों को अपने घर बुलाया और एक तथाकथित कमांडर नियुक्त किया, जो देश में अशांति फैलाने के प्रयासों में शामिल था।

आरपीपी का विरोध और राजनीतिक टकराव

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ओली की इन टिप्पणियों पर राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) के सांसदों ने संसद में विरोध जताया। यह पार्टी नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र बनाने और राजतंत्र की पुनर्बहाली का समर्थन करती है। हाल ही में एक राजनीतिक दलों की बैठक में पीएम ओली ने इस पार्टी को शामिल नहीं किया था, जिसके कारण यह विवाद और गहरा सकता है।

 

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