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Nepal: नेपाली पर्वतारोही मिंगमा जी शेरपा का भव्य स्वागत, सात महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों को किया है फतह

Fri, 03 Jan 2025 08:52 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू

सार

नेपाल के पर्वतारोही मिंगमा जी शेरपा का घर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया है। बता दें कि मिंगमा जी शेरपा ने सात महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ने का इतिहास बनाया है। इस दौरान उन्होंने बिना ऑक्सीजन के 8000 मीटर की 14 चोटियां चढ़ने का भी रिकॉर्ड बनाया है।
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मिंगमा जी शेरपा, नेपाली पर्वतारोही - फोटो : ANI
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विस्तार
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पर्वतारोही में रिकॉर्ड बनाने वाले नेपाली पर्वतारोही मिंगमा जी शेरपा का सभी सात महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई करने के बाद घर लौटने पर वीरतापूर्ण स्वागत किया गया है। इससे पहले पिछले साल, मिंगमा जी शेरपा पूरक ऑक्सीजन के बिना सभी आठ 8000 मीटर की चोटियों को सफलतापूर्वक फतह करने वाले पहले नेपाली बनने की अविश्वसनीय उपलब्धि हासिल की थी।
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8,000 मीटर की 14 चोटियों पर चढ़ने वाले पर्वतारोही
नेपाल के तिब्बती हिस्से की सीमा पर मौजूदा दोलखा जिले के रोलवालिंग से आने वाले शेरपा ने 4 अक्तूबर को तिब्बत में शीशपांगमा (8,027 मीटर) की चोटी पर चढ़ाई की और पूरक ऑक्सीजन के उपयोग के बिना 8,000 मीटर की 14 चोटियों पर चढ़ने वाले नेपाल के पहले पर्वतारोही बन गए। मिंगमा जी शेरपा ने पूरक ऑक्सीजन का उपयोग किए बिना 2022 में माउंट धौलागिरी, माउंट कंचनजंगा और माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की। आईएफएमजीए गाइड ने 2021 में मनास्लू, 2019 में गशेरब्रुम-II, 2018 में लोत्से और ब्रॉड पीक, 2017 में के2, मकालू और नंगा पर्वत, 2016 में गशेरब्रुम-I और 2015 में अन्नपूर्णा को बोतलबंद ऑक्सीजन का उपयोग किए बिना फतह किया।

मिंगमा जी शेरपा ने इतिहास बनाने पर जताई खुशी
वहीं घर पहुंचने के बाद भव्य स्वागत होने के बाद मिंगमा जी शेरपा ने बताया कि, 'मैं बहुत खुश हूं, कि मैं दुनिया भर के सात महाद्वीपों की सभी सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ सका। मेरा सपना था कि मैं नेपाल का नाम दुनिया के शीर्ष पर ले जाऊं और एक विशेषज्ञ बनूं। 4 अक्तूबर, 2024 को, मैंने पूरक ऑक्सीजन के बिना 8,000 मीटर की ऊंचाई से ऊपर सभी 14 चोटियों पर चढ़ने की अपनी क्षमता पूरी कर ली और मेरी नवीनतम चढ़ाई सात महाद्वीपों के 7 सबसे ऊंचे पहाड़ों पर चढ़ने की उस क्षमता की निरंतरता के रूप में आती है'। 
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मेरा उद्देश्य रिकॉर्ड तोड़ना या बनाना नहीं है- शेरपा
मिंगमा जी शेरपा 2006 से पर्वतारोहण कर रहे हैं और उन्होंने एवरेस्ट की 5 चोटियों, माउंट मनासलुआ की 4 चोटियों, साथ ही माउंट कंचनजंगा, अन्नपूर्णा, लोत्से, धौलागिरी नंगा पर्वत, गशेरब्रुम-I और II, ब्रॉड पीक, माउंट चोबुजे पर नेपाल में एकल चढ़ाई और चोबुजे पर एक नया मार्ग समेत कई उपलब्धियां हासिल की हैं। खुद के बनाए गए रिकॉर्ड पर उन्होंने कहा कि, 'मैं जो भी चढ़ाई कर रहा हूं, उसका उद्देश्य रिकॉर्ड तोड़ना या बनाना नहीं है। मैं इस दृढ़ संकल्प से प्रेरित हूं कि नेपाली लोगों को श्रृंखलाबद्ध तरीके से पहाड़ों की खोज करनी चाहिए, जो अब तक हासिल नहीं हुआ है। हम (शेरपा) अभियान से जुड़े बहुत लंबे समय से पर्वतारोहण का इतिहास रखते हैं और मुझे लगता है कि हमारे पास दुनिया भर में मौजूद पहाड़ों पर चढ़ने की क्षमता होनी चाहिए, चाहे वह किसी भी देश का हो। मैं पर्वतारोहण क्षेत्र की बेहतरी के लिए काम करना जारी रखूंगा और इस पर काम करना जारी रखूंगा। मेरा लक्ष्य पर्वतारोहण के लिए नेपाल में सर्वोच्च पुरस्कार- गोल्डन आइस अवार्ड लाना है'। रिकॉर्ड धारक पर्वतारोही को 'नेपाल पर्यटन वर्ष 2011' के लिए मानद सद्भावना राजदूत, तेनजिंग हिलेरी पुरस्कार 2021 और 2021 में पूर्व नेपाली राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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